बाराबंकी
जनता पहले महंगाई से परेशान
अब घरेलू गैस सिलेंडर के लिए भटकने को मजबूर — गैस एजेंसियों पर उठे बड़े सवाल

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बाराबंकी। शहर के हेड पोस्ट ऑफिस डाकघर के सामने स्थित रूपल गैस एजेंसी पर शुक्रवार को घरेलू गैस सिलेंडर न मिलने से उपभोक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने एजेंसी के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई और आरोप लगाया कि कई दिनों से बुकिंग के बावजूद उन्हें सिलेंडर नहीं मिल रहा है। सूचना पर सप्लाई इंस्पेक्टर अखिलेश तिवारी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची तथा लोगों को शांत कराया।
उपभोक्ता सुनील निवासी जटा बरौली ने बताया कि उन्होंने 5 मई को गैस बुकिंग कराई थी, जिसकी रसीद 9 मई की है, लेकिन 15 मई तक सिलेंडर नहीं मिला। उनका कहना है कि हर रोज काम छोड़कर एजेंसी के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं, जिससे आर्थिक नुकसान हो रहा है। वहीं कई महिलाओं ने बताया कि एक-एक महीने से गैस नहीं मिली, जिसके कारण घरों में लकड़ी और अन्य साधनों से खाना बनाना पड़ रहा है।
लोगों ने आरोप लगाया कि कई उपभोक्ताओं के मोबाइल पर गैस डिलीवरी का मैसेज आ चुका है, जबकि हकीकत में सिलेंडर उनके घर तक पहुंचा ही नहीं। इससे लोगों में कालाबाजारी और ब्लैकमेलिंग जैसे गंभीर आरोपों को लेकर भी चर्चा तेज हो गई। उपभोक्ताओं का कहना है कि आखिर जब गैस पहुंची ही नहीं तो डिलीवरी दिखाकर सिलेंडर कहां भेजे जा रहे हैं।
भीड़ में मौजूद लोगों ने सवाल उठाया कि क्या सिर्फ इसी एजेंसी में ऐसा हो रहा है या जिले की अन्य गैस एजेंसियों में भी उपभोक्ताओं को इसी तरह परेशान किया जा रहा है। जनता का आरोप है कि लगातार शिकायतों के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई बड़ी कार्रवाई नहीं की जाती, जिससे एजेंसियों के हौसले बुलंद हैं।
मौके पर पहुंचे सप्लाई इंस्पेक्टर अखिलेश तिवारी ने आश्वासन दिया कि जिन लोगों को सिलेंडर नहीं मिला है, उन्हें जल्द गैस उपलब्ध कराई जाएगी। उनके आश्वासन के करीब आधे घंटे बाद कुछ लोगों को सिलेंडर मिला, जबकि बाकी लोगों को अगले दिन आने के लिए कहा गया।
अब बड़ा सवाल यह उठ रहा है कि आखिर गैस की वास्तविक कमी है या फिर एजेंसियों की लापरवाही, अव्यवस्था और संभावित कालाबाजारी से आम जनता परेशान हो रही है। महंगाई की मार झेल रही जनता अब घरेलू गैस जैसी जरूरी सुविधा के लिए भी दर-दर भटकने को मजबूर दिखाई दे रही है।



