बालाघाट
फॉरेक्स ट्रेडिंग और 6% ब्याज के चंगुल मे फसे वारासिवनी के वासी

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बालाघाट(म0प्र0) : बालाघाट का डबल मनी वाला मामले में पीड़ितों के जख्म अभी भरे भी नहीं थे कि फिर एक ऐसा ही मामला सामने आया है। दरअसल, वारासिवनी से कई आवेदक बालाघाट पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। उन्हें शिकायत की है कि उन्हें 6 प्रतिशत मासिक ब्याज के लालच में लाखों रुपए निवेश करवाए। दरअसल, वारासिवनी शहर के वार्ड नंबर 1 में रहने वाले नगेंद्र रंगारे अलग-अलग समय पर 7 लाख रुपए निवेश किए। अब पैसे वसूलने वाले शख्स ने पैसे वापस करने के नाम पर हाथ खड़े कर दिए
शिकायतकर्ता का आरोप है कि वारा के रहने वाले रिजवान अली ने खुद को एक ट्रेडिंग कंपनी से जुड़ा बताते हुए निवेश पर अच्छा मुनाफा मिलने का झांसा दिया। उसने भरोसा दिलाया कि कंपनी में निवेश करने पर हर महीने 6 प्रतिशत की दर से लाभ दिया जाएगा। इसके बाद शिकायतकर्ता ने उसके कहने पर राशि निवेश करना शुरू किया। शुरुआत में तो सब कुछ ठीक चला। पैसे समय पर वापस भी आए लेकिन धीरे-धीरे राजा अली की ओर से बहाने आने लगे। शिकायतकर्ता ने कथित तौर पर 20 जुलाई 2024 को करीब 3 लाख 10 हजार रुपये बैंक खाते में जमा किए। इसके अलावा दो बार 2-2 लाख रुपये की नकद राशि देने का भी आरोप लगाया गया है।
शैलेश शेंडे भी इसी तरह के मामले में प्रभावित थे। उनका कहना है कि राजा उर्फ रिजवान अली गांव के पूर्व सरपंच है। प्रतिष्ठित व्यक्ति होने के वजह से सभी उनकी इज्जत करते हैं। ऐसे में बार-बार घर आकर और घर बुलाकर अपनी स्कीम से जुड़ने के लिए कहते थे। ऐसे में हमने एक प्लॉट बेचा था। हमारे पास कुछ रुपए थे। ऐसे में उन्होंने कहा कि बैंक में रखोगे तो सिर्फ 3 प्रतिशत है सालाना ब्याज मिलेगा। मेरे पास निवेश करेगा तो हर महीने 6000 रुपए ब्याज मिलेगा। इसी लालच में आकर मैंने निवेश कर दिया। शुरुआत में फायदा हुआ। समय पर पैसा आने लगा। ऐसे में मैंने अपने भाई से कहकर उससे भी एक लाख रुपए निवेश करवाए। हमारी किसी ऐप पर आईडी भी बनाई गई, जिसका आई डी पासवर्ड भी हमें दिया गया। कुछ महीने तो पैसे आने लगे लेकिन समय के साथ उन्होंने आनाकानी करने लगा। अब पैसे आने बिल्कुल बंद हो गए। वहीं, रिफंड की बात की तो वह कहते हैं कि कंपनी डूब गई है। ऐसे में अब घर के ताने सुनने मिल रहे हैं।
वारा निवासी रिजवान अली ने ट्रेडिंग के नाम पर आईडी बनाकर उसका पासवर्ड अपने हाथ से लिखकर दिया था। बाद में कुछ समय तक राशि आती रही, लेकिन इसके बाद भुगतान बंद हो गया। शिकायतकर्ता के अनुसार संपर्क करने पर आरोपी ने राशि वापस करने का आश्वासन दिया, लेकिन बाद में टालमटोल करने लगा। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि जब पैसे वापस मांगे गए तो आरोपी ने धमकी दी और शिकायत करने पर नुकसान पहुंचाने की बात कही। साथ ही यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपी ने कई अन्य लोगों को जोड़कर ट्रेडिंग कंपनी में निवेश कराने के लिए व्हाट्सएप ग्रुप बनाया था। ये मामला सिर्फ एक शख्स से जुड़ा नहीं है बल्कि आधा दर्जन लोग जिला मुख्यालय पहुंच कर निराकरण की मांग करने लगे हैं। शिकायतकर्ताओं का कहना है कि उन सभी के लगभग 60 लाख रुपए ले लिए गए लेकिन अब रिफंड के नाम पर कुछ भी नहीं मिल रहा है।
इस मामले में वारासिवनी एसडीओपी अभिषेक चौधरी ने बताया कि इसमें निवेशकों के बॉट अकाउंट बनाए जाते थे और इसी से पैसे निवेश होते थे। यह सिस्टम एक चैन मार्केटिंग की तरह है। वहीं, ये भी देखा जा रहा है कि आवेदकों ने किसके खाते में रकम भेजी है। फिलहाल अनावेदक से पूछताछ जारी है। वह भी इस मामले में खुद को विक्टिम बता रहा है। यह बड़े लेवल पर यह कंपनी चलती थी। ऐसे में राज्य स्तर पर एक एसआईटी पहले से ही जांच कर रही है। पहले ईडी ने इसी कंपनी से जुड़े मामले में 250 से 300 करोड़ रुपए सीज किए है। वहीं, इस मामले में फिलहाल जांच जारी है।



