बागपत

प्रसिद्ध ENT सर्जन डॉ. अरविंद जैन ने दी स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण सलाह

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बड़ौत। कान, नाक और गला (ENT) रोगों के क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान बना चुके प्रसिद्ध ENT सर्जन डॉ. अरविंद जैन (MBBS, DLO) ने कहा कि आधुनिक जीवनशैली, बढ़ते प्रदूषण और मोबाइल-ईयरफोन के अत्यधिक उपयोग के कारण ENT संबंधी समस्याएं तेजी से बढ़ रही हैं। उन्होंने लोगों से समय रहते सावधानी बरतने और छोटी समस्याओं को नजरअंदाज न करने की अपील की।
डॉ. अरविंद जैन ने बताया कि उन्होंने MBBS के बाद DLO (डिप्लोमा इन ओटोलैरिंजोलॉजी) की शिक्षा प्राप्त की और पिछले लगभग तीन दशकों से हजारों मरीजों का सफल उपचार कर चुके हैं। नाक, कान और गले से जुड़ी बीमारियों के आधुनिक उपचार तथा माइक्रो सर्जरी उनकी विशेषता है।
उन्होंने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में साइनस, एलर्जी, टॉन्सिल संक्रमण, कान बहना, सुनाई कम देना और कानों में आवाज गूंजने जैसी समस्याओं के मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। बच्चों में टॉन्सिल और एडिनॉइड की समस्याएं भी तेजी से बढ़ रही हैं।
डॉ. जैन के अनुसार मोबाइल और ईयरफोन का लगातार उपयोग युवाओं की सुनने की क्षमता को प्रभावित कर रहा है। उन्होंने सलाह दी कि एक बार में 60 मिनट से अधिक समय तक ईयरफोन का उपयोग न करें तथा आवाज का स्तर 60 प्रतिशत से अधिक न रखें।
सर्दी के मौसम में बढ़ने वाली बीमारियों पर चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि ठंड के कारण नाक और गले की प्राकृतिक नमी कम हो जाती है, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है। ऐसे समय में भाप लेना, गुनगुना पानी पीना और स्वच्छता बनाए रखना लाभकारी होता है।
ENT सर्जरी के क्षेत्र में आई आधुनिक तकनीकों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि एंडोस्कोपिक सर्जरी, माइक्रोस्कोपिक तकनीक और लेजर उपचार ने ऑपरेशन को अधिक सुरक्षित, कम दर्दनाक और शीघ्र स्वस्थ होने वाला बना दिया है। इन तकनीकों से मरीजों की रिकवरी पहले की तुलना में काफी तेज हुई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य जागरूकता की कमी पर चिंता व्यक्त करते हुए डॉ. जैन ने कहा कि कई लोग कान बहने, खर्राटे, नाक की पॉलिप या सुनने की समस्या को सामान्य समझकर लंबे समय तक इलाज नहीं कराते, जिससे बीमारी गंभीर रूप ले सकती है। उन्होंने लोगों से समय पर विशेषज्ञ चिकित्सक की सलाह लेने का आग्रह किया।
स्वास्थ्य संबंधी संदेश देते हुए डॉ. जैन ने कहा कि बार-बार सर्दी होना, बच्चों का मुंह खोलकर सांस लेना या खर्राटे लेना सामान्य बात नहीं है। ऐसे लक्षण दिखाई देने पर तुरंत जांच करानी चाहिए। उन्होंने कहा कि संतुलित जीवनशैली, प्रदूषण से बचाव, मोबाइल-ईयरफोन का सीमित उपयोग और नियमित स्वास्थ्य जांच ही बेहतर ENT स्वास्थ्य की कुंजी है।
ENT विशेषज्ञ डॉ. अरविंद जैन का मानना है कि जागरूकता, समय पर जांच और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का लाभ उठाकर अधिकांश ENT रोगों का सफल उपचार संभव है। उनकी यह सलाह समाज के हर वर्ग के लिए उपयोगी और स्वास्थ्यवर्धक संदेश प्रदान करती है।
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button