बैतूल हमलापुर सुभाष वार्ड में जोरों पर अतिक्रमण
खाली जगहों पर हो रहा मकान निर्माण, शिकायतों के बाद भी प्रशासन मौन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। शहर के हमलापुर स्थित सुभाष वार्ड में इन दिनों अतिक्रमण का मामला तेजी से गंभीर होता जा रहा है। वार्ड की खाली पड़ी जगहों और सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर लगातार कब्जा कर मकान निर्माण किए जाने की शिकायतें सामने आ रही हैं, लेकिन जिम्मेदार प्रशासनिक अधिकारियों का इस ओर ध्यान नहीं जा रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई बार शिकायत किए जाने के बाद भी न तो पटवारी मौके पर पहुंच रहे हैं, न तहसीलदार कोई कार्रवाई कर रहे हैं और न ही एसडीएम स्तर पर मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है। इससे वार्डवासियों में भारी नाराजगी देखी जा रही है।
रहवासियों के अनुसार सुभाष वार्ड में कुछ लोगों द्वारा खाली पड़ी जमीनों पर धीरे-धीरे कब्जा कर निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया है। कहीं दीवारें खड़ी की जा रही हैं तो कहीं मकानों का निर्माण कराया जा रहा है। लोगों का कहना है कि जिन स्थानों पर निर्माण हो रहा है, वहां पहले सार्वजनिक उपयोग की खाली जगह थी, लेकिन अब उस पर कब्जा कर स्थायी निर्माण किए जा रहे हैं। आरोप है कि यदि समय रहते प्रशासन ने हस्तक्षेप नहीं किया तो आने वाले दिनों में यह अतिक्रमण और बढ़ सकता है तथा सार्वजनिक भूमि पूरी तरह कब्जे की चपेट में आ सकती है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि इस मामले की शिकायत कई बार संबंधित विभागों तक पहुंचाई गई, लेकिन कोई प्रभावी जांच या कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का आरोप है कि शिकायतों के बावजूद पटवारी द्वारा मौके का निरीक्षण नहीं किया गया, तहसील कार्यालय की ओर से भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया और एसडीएम कार्यालय स्तर पर भी मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। इससे यह सवाल खड़े हो रहे हैं कि आखिर प्रशासन की निगरानी व्यवस्था इतनी कमजोर क्यों है कि खुलेआम अतिक्रमण और निर्माण कार्य होने के बाद भी जिम्मेदार अधिकारी मौन बने हुए हैं।
वार्डवासियों का कहना है कि अतिक्रमण की वजह से भविष्य में सड़क, नाली, आवागमन और अन्य बुनियादी सुविधाओं पर असर पड़ सकता है। लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि हमलापुर सुभाष वार्ड की खाली पड़ी भूमि और निर्माणाधीन स्थलों की तत्काल जांच कराई जाए, सीमांकन कराया जाए और यदि शासकीय या सार्वजनिक भूमि पर अतिक्रमण पाया जाता है तो तत्काल उसे हटाने की कार्रवाई की जाए। साथ ही ऐसे मामलों में लापरवाही बरतने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए।
अब देखना यह होगा कि शिकायतों के बावजूद अब तक चुप बैठे जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में कब जागते हैं और सुभाष वार्ड में बढ़ते अतिक्रमण पर लगाम लगाने के लिए क्या कदम उठाते हैं। फिलहाल वार्ड के लोगों में इस बात को लेकर आक्रोश है कि खुलेआम निर्माण कार्य होने के बावजूद प्रशासनिक अमला केवल मूकदर्शक बना हुआ है।




