बेतुल
बैतूल अधिकार, कर्तव्य और सह-शैक्षणिक गतिविधियों से रूबरू हुए नवप्रवेशित विद्यार्थी
जेएच कालेज में तीन दिवसीय दीक्षारंभ कार्यक्रम संपन्न

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस, जयवंती हॉक्सर शासकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, बैतूल में आयोजित तीन दिवसीय प्रवेश उत्सव दीक्षारंभ-2026 का शुक्रवार को ज्ञानवर्धक एवं जागरूकता आधारित विभिन्न सत्रों के साथ सफलतापूर्वक समापन हुआ। प्राचार्य डॉ. मीनाक्षी चौबे के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यक्रम का उद्देश्य नवप्रवेशित विद्यार्थियों को महाविद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, अधिकारों एवं कर्तव्यों, अनुशासन, सुरक्षा, व्यक्तित्व विकास तथा सह-शैक्षणिक गतिविधियों से परिचित कराना रहा।
समापन दिवस के प्रथम सत्र में डॉ. हर्षवर्धन यादव ने कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (रोकथाम, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 तथा एंटी रैगिंग संबंधी प्रावधानों की विस्तृत जानकारी देते हुए सुरक्षित एवं सम्मानजनक शैक्षणिक वातावरण के महत्व पर प्रकाश डाला। इस दौरान नवप्रवेशित विद्यार्थियों को रैगिंग निषेध की शपथ भी दिलाई गई। इसके बाद डॉ. प्रियंका लिखितकर ने आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ (आईक्यूएसी) की भूमिका एवं महाविद्यालय की छात्र आचरण संहिता की जानकारी दी।
अगले सत्र में डॉ. चंद्रशेखर मेघाश्याम एवं डॉ. दुर्गेश राणे ने सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 तथा लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2010 की उपयोगिता और विद्यार्थियों के लिए इनके महत्व पर विस्तार से जानकारी दी। प्रो. शंकर सातनकर ने राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) की गतिविधियों एवं उद्देश्यों से विद्यार्थियों को अवगत कराया, जबकि डॉ. खुशाल देवघरे एवं प्रो. कृष्णा गौसर ने राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) की विभिन्न गतिविधियों तथा व्यक्तित्व निर्माण में उसकी महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डाला।
आगामी सत्रों में डॉ. गोलू परते ने शिकायत निवारण तंत्र, परामर्श सेवाओं एवं हेल्पलाइन संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को उपलब्ध संसाधनों से परिचित कराया। डॉ. महेंद्र नवांगे ने ईको क्लब, ऊर्जा संरक्षण एवं कचरा प्रबंधन की आवश्यकता पर विस्तार से जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को हरित पर्यावरण संरक्षण की शपथ दिलाई। डॉ. चंद्रशेखर मेश्राम एवं डॉ. शीतल खरे ने अनुसंधान के अवसरों, शोध प्रक्रिया तथा नवाचार की संभावनाओं पर अपने विचार साझा किए। डॉ. युगल किशोर सरले ने युवा उत्सव एवं सांस्कृतिक गतिविधियों में सक्रिय सहभागिता के महत्व पर प्रकाश डाला, जबकि डॉ. नीलिमा पीटर ने महाविद्यालय की खेल एवं खेलकूद गतिविधियों तथा उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी प्रदान की।
समापन अवसर पर नवप्रवेशित विद्यार्थियों को राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस), राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी), खेल परिसर तथा महाविद्यालय की अन्य प्रमुख सुविधाओं का भ्रमण भी कराया गया। विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता करते हुए महाविद्यालय की विभिन्न शैक्षणिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। तीन दिवसीय दीक्षारंभ-2026 का समापन नवप्रवेशित विद्यार्थियों में आत्मविश्वास, अनुशासन, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं महाविद्यालय के प्रति अपनत्व की भावना विकसित करने के उद्देश्य की सफल पूर्ति के साथ हुआ।
कार्यक्रम का सफल संचालन एवं समन्वय आयोजन समिति के संयोजक प्रो. राकेश पवार, सह-संयोजक डॉ. सोनाली सैनी साहू तथा समिति के सदस्य प्रो. गोलू परते, डॉ. दिव्यप्रकाश एवं डॉ. निहारिका भावसार ने किया। कार्यक्रम की सफलता में महाविद्यालय परिवार के समस्त अधिकारियों एवं कर्मचारियों का सक्रिय सहयोग एवं निष्ठापूर्ण योगदान रहा।



