सिंगरौली

पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और दिल्ली लाठीचार्ज के खिलाफ सिंगरौली में धरना

युवाओं के भविष्य से लोकतांत्रिक अधिकारों तक… सिंगरौली में हजारों की हुंकार, राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।

सिंगरौली। देश के युवाओं, विद्यार्थियों के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा की मांग को लेकर सोमवार को सिंगरौली में संयुक्त संघर्ष मंच के बैनर तले धरना-प्रदर्शन आयोजित किया गया धरना सुबह करीब 10 बजे शुरू हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में युवा, विद्यार्थी, सामाजिक कार्यकर्ता और आमजन शामिल हुए। करीब 3 बजे तहसीलदार सविता यादव को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर विभिन्न मांगों पर कार्रवाई की मांग की गई धरने का आयोजन संयुक्त संघर्ष मंच सिंगरौली की ओर से अजय शर्मा तथा क्षत्रिय कुलवंत संगठन की ओर से अंकित सिंह के नेतृत्व में किया गया कार्यक्रम में मुख्य रूप से संयुक्त संघर्ष मंच भारत के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र सिंह ‘बबलू’, अंकित सिंह, बृजभूषण सिंह, रावेंद्र सिंह, समाजसेवी प्रवीण सिंह चौहान, केडी सिंह, संजय नामदेव, अरुण सिंह, राजकुमार शर्मा, रतीभान प्रसाद, अभिजित द्विवेदी, मृत्युंजय प्रताप सिंह, पंकज पांडे, रूपेश चंद्र पांडे, सत्येंद्र सिंह और सनी सिंह सहित हजारों की संख्या में लोग मौजूद रहे ज्ञापन में शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की मांग की गई प्रतियोगी परीक्षाओं में सामने आए पेपर लीक और परीक्षा संबंधी अनियमितताओं की निष्पक्ष एवं समयबद्ध जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की गई। साथ ही शिक्षा व्यवस्था के प्रति युवाओं और आमजन का विश्वास बहाल करने के लिए आवश्यक प्रशासनिक एवं नीतिगत कदम उठाने की मांग की गई
ज्ञापन में सोनम वांगचुक के स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी को पारदर्शी रूप से सार्वजनिक किए जाने की मांग भी रखी गई ज्ञापन में कहा गया कि यदि वे चिकित्सा देखरेख में हैं तो उनके उपचार की प्रगति और स्वास्थ्य संबंधी अधिकृत जानकारी समय-समय पर सार्वजनिक की जाए, ताकि देशवासियों के बीच किसी प्रकार का भ्रम या आशंका पैदा न हो
वहीं, 20 जुलाई 2026 को दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे युवाओं, विद्यार्थियों और उनके समर्थकों पर कथित बल प्रयोग, लाठीचार्ज और हिंसा के मामले में भी निष्पक्ष जांच की मांग की गई ज्ञापन में कहा गया कि उपलब्ध वीडियो और फोटोग्राफिक साक्ष्यों के आधार पर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच हो और यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी की जिम्मेदारी सामने आती है तो उसके खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक आंदोलनों के दौरान निर्धारित नियमों और मानवाधिकारों का पूर्ण पालन होना चाहिए। युवाओं की आवाज को दबाने के बजाय उनकी समस्याओं को सुना जाना चाहिए धरने के बाद तहसीलदार सविता यादव को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा गया आयोजकों ने कहा कि यह आंदोलन युवाओं के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था की विश्वसनीयता और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर किया गया है उन्होंने मांगों पर शीघ्र और न्यायोचित कार्रवाई की अपेक्षा जताई संयुक्त संघर्ष मंच के आयोजक अजय शर्मा ने कहा कि युवाओं और विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर आवाज उठाना लोकतांत्रिक अधिकार है यदि व्यवस्था में कहीं अनियमितता है तो उसकी निष्पक्ष जांच और जिम्मेदारों पर कार्रवाई होनी चाहिए।

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