बरेली
एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज में कैंसर स्क्रीनिंग कैंप के दौरान ब्रेस्ट कैंसर क्लीनिक का उद्घाटन
ब्रेस्ट कैंसर क्लीनिक में सिर्फ 250 रुपये में होगी जांचः देव मूर्ति

तीन दिवसीय कैंसर स्क्रीनिंग कैंप में पौने चार सौ मरीजों की हुई जांच, 170 संदिग्ध
प्रति सप्ताह शुक्रवार संचालित ब्रेस्ट कैंसर क्लीनिक में डा.हिमांशी खट्टर करेंगी महिलाओं की जांच
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बरेली : आजादी के पर्व पर एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज की ओर आयोजित ‘देश की आजादी से, कैंसर से आजादी तक’ तीन दिवसीय कैंसर स्क्रीनिंग कैंप का शुक्रवार को समापन हुआ। कैंप के अंतिम दिन एसआरएमएस ट्रस्ट के संस्थापक एवं चेयरमैन देव मूर्ति जी ने ब्रेस्ट कैंसर क्लीनिक का उद्घाटन किया और 1000 रुपये की फीस के स्थान पर सिर्फ 250 रुपये में स्क्रीनिंग की घोषणा की। साथ ही बालिकाओं के लिए सर्विक्स कैंसर की रोकथाम के लिए निशुल्क वैक्सीन लगाने का भी ऐलान किया। तीन दिवसीय कैंप में करीब पौने चार सौ मरीज जांच के लिए पहुंचे। इसमें करीब 170 मरीज कैंसर संदिग्ध मिले। 40 मरीजों में ब्रेस्ट कैंसर और करीब 45 मरीजों में मुंह एवं फेफड़ों के कैंसर की पुष्टि हुई। पांच लोगों में बड़ी आंत का कैंसर और तीन में प्रोस्टेट कैंसर की भी जानकारी मिली।
एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज के आरआर कैंसर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर की ओर से 12 अगस्त से संचालित तीन दिवसीय कैंसर स्क्रीनिंग कैंप ‘कैंसर से आजादी’ का शुक्रवार (14 अगस्त) को समापन हुआ। हास्पिटल के ऑडिटोरियम में ब्रेस्ट कैंसर क्लीनिक के उद्घाटन के अवसर पर एसआरएमएस ट्रस्ट के संस्थापक एवं चेयरमैन देव मूर्ति जी ने महामारी बनते कैंसर के इलाज के लिए एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज में वर्ष 2007 में आरआर कैंसर इंस्टीट्यूट की स्थापना की गई थी। तब से हजारों मरीज इलाज करा स्वस्थ और सामान्य जीवन जी रहे हैं। कैंसर लाइलाज बीमारी नहीं बल्कि अन्य बीमारियों की तरह ही इसका भी पूरी तरह से इलाज संभव है। समय से इलाज होने से इससे निजात मिलती है। एसआरएमएस इसी प्रयास में लगा हुआ है और इसी का नतीजा है कि आज यहां ब्रेस्ट कैंसर क्लीनिक आरंभ किया जा रहा है। यहां महिला डॉक्टर के द्वारा ही महिलाओं की जांच और स्क्रीनिंग की जाएगी। इसके साथ ही यहां जांच कराने वाली महिलाओं को फीस में भी विशेष छूट मिलेगी। जिसके तहत एक हजार रुपये के बजाय सिर्फ 250 रुपये फीस लगेगी।
इससे पहले एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज स्थित आरआर कैंसर इंस्टीट्यूट एंड रिसर्च सेंटर के डायरेक्टर डा.पियूष कुमार अग्रवाल ने सभी का स्वागत किया और तीन दिवसीय कैंसर स्क्रीनिंग कैंप ‘कैंसर से आजादी’ की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि तीन दिन में यहां करीब पौने चार सौ मरीज जांच के लिए पहुंचे। इसमें करीब 170 मरीज संदिग्ध मिले। सबसे करीब 40 मरीजों में ब्रेस्ट कैंसर और करीब 45 मरीजों में मुंह एवं फेफड़ों के कैंसर की पुष्टि हुई। पांच लोगों में बड़ी आंत का कैंसर और तीन में प्रोस्टेट कैंसर के लक्षण भी मिले। डा.पियूष ने कहा कि हर परिवार में कैंसर पहुंच रहा है। ऐसे में ज्यादा से ज्यादा लोगों को कैंसर की स्क्रीनिंग करानी चाहिए। जांच में देरी कैंसर को बढ़ाने का ही काम करती है। इससे उपचार मुश्किल होने के साथ ही कैंसर से मुक्ति की आशा भी कम होती जाती है। महिलाओं की जांच के लिए एसआरएमएस में ब्रेस्ट कैंसर क्लीनिक स्थापित किया जा रहा है। इसमें डा.हिमांशी खट्टर महिलाओं की जांच करेंगी। डा.हिमांशी खट्टर ने एक महिला कमला की कहानी के माध्यम से ब्रेस्ट कैंसर के संबंध में उपस्थित लोगों को जानकारी दी। उन्होंने कहा कि महिलाएं पूरे घर की चिंता करती हैं। सभी की देखभाल करती हैं, लेकिन अपने स्वास्थ्य की चिंता नहीं करतीं। अपनी परेशानी को किसी को नहीं बतातीं। ऐसे में उनकी स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतों को नजरअंदाज न करें। उनकी चिंता करना हम सभी की जिम्मेदारी है। घर में मां, बहन, बेटी और पत्नी की नियमित जांच करवाना जरूरी है। किसी भी चिकित्सक से अपनी जांच करवाने में भी महिलाओं को संकोच होता है। इसी बात को ध्यान में रखते हुए एसआरएमएस मेडिकल कॉलेज में ब्रेस्ट कैंसर क्लीनिक का संचालन किया जा रहा है। इसमें महिलाओं की जांच सिर्फ महिला चिकित्सक द्वारा ही की जाएगी। इस अवसर पर एसआरएमएस ट्रस्ट के डाय़रेक्टर आदित्य मूर्ति जी, मेडिकल सुपरिटेंडेंट डा.आरपी सिंह, वाइस प्रिंसिपल डा.रोहित शर्मा, डीन पीजी डा.एसके सागर, डीन यूजी डा.बिंदु गर्ग, डा.ललित सिंह, डा.वंदना नेगी, डा.शशिबाला आर्य, डा.नीलिमा मेहरोत्रा, डा.मिलन जायसवाल, डा.अरविंद चौहान, डा.पवन मेहरोत्रा एवं सभी विभागाध्यक्ष एवं स्टाफ मौजूद रहा।




