बाराबंकी
परिजनों ने शव को पंचायत भवन के सामने रखकर कार्यवाही की मांग

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बाराबंकी। थाना क्षेत्र के ग्राम नेवला निवासी परमानंद वर्मा की अयोध्या में निर्माणाधीन भवन में काम करने के दौरान ऊचाई से गिरने से हुई मौत के बाद बुधवार को दाह संस्कार से पहले परिजनों ने शव को पंचायत भवन के सामने रखकर कार्यवाही की मांग पर अड गये सूचना पर पहुंची मसौली पुलिस ने परिजनों को समझा बुझा कर मृतक का अंतिम संस्कार कराया।
बताते चले कि नेवला निवासी मजदूर परमानंद वर्मा की हादसे में मौत के बाद बुधवार को जब शव गांव पहुंचा तो पत्नी और बच्चों समेत परिजनों में चीख-पुकार मच गई। हादसे की परिस्थितियों और घटना की जानकारी समय पर नहीं दिए जाने से नाराज परिजनों ने शव को गोंडा-बहराइच हाईवे किनारे स्थित पंचायत भवन के पास रख दिया और कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन पर अड़ गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और काफी समझाने के बाद परिजनों को शांत कराया।
परिजनों के अनुसार, परमानंद वर्मा करीब एक माह पहले काम करने के लिए अयोध्या गए थे। वहां निर्माणाधीन भवन में काम करते समय वह अचानक छत से नीचे गिर गए। ऊंचाई से गिरने के कारण उनके सिर में गंभीर चोट आई। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया, लेकिन हालत नाजुक होने पर चिकित्सकों ने उन्हें लखनऊ स्थित ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। इलाज के दौरान परमानंद की मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि जिस व्यक्ति के साथ परमानंद काम करने के लिए अयोध्या गए थे, उसकी ओर से उन्हें हादसे की स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई। परिजनों का कहना है कि उन्हें यह तक स्पष्ट नहीं बताया गया कि आखिर निर्माणाधीन भवन में परमानंद किस परिस्थिति में छत से नीचे गिरे। घटना के संबंध में जानकारी मांगने पर भी उन्हें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसी बात को लेकर परिजनों का संदेह गहराता गया और उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की जांच कराने की मांग की।
परमानंद वर्मा अपने पीछे पत्नी सीमा देवी और दो बेटे अनिकेत वर्मा तथा श्लोक वर्मा को छोड़ गए हैं। वह दो भाइयों में छोटे थे। उनके बड़े भाई हरिश्चंद्र वर्मा हैं। शव गांव पहुंचते ही पत्नी और बच्चों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। परिवार के सामने अब जहां कमाने वाले सदस्य को खोने का दुख है, वहीं हादसे की वजह को लेकर भी कई सवाल खड़े हैं।
परिजन पुलिस से पूरे घटनाक्रम की जांच कर हादसे की वास्तविक वजह सामने लाने और यदि किसी की लापरवाही सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।



