बढ़ापुर: नगर पंचायत के आउटसोर्सिंग कर्मचारी की सड़क हादसे में मौत
ठेकेदार को दो दिन तक नहीं लगी भनक - कार्यप्रणाली पर सवाल
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बिजनौर/बढ़ापुर नगर पंचायत में कार्यरत एक आउटसोर्सिंग कर्मचारी की सड़क दुर्घटना में मौत हो गई। दो दिन तक कर्मचारी के गायब रहने के बाद भी ठेकेदार को इसकी जानकारी तक नहीं हुई, जिससे नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवालिया निशान खड़े हो गए हैं। लेकिन नगर के मोहल्ला पठानान निवासी मरहूम असद खान के पुत्र मोहम्मद इकराम खान (42 वर्ष) नगर पंचायत बढ़ापुर में आउटसोर्सिंग पर वाटर पंप संचालित करने का कार्य करते थे। इसके अलावा वह अर्टिगा गाड़ी से बुकिंग का काम भी करते थे। जिसमें बताया जाता है। कि सोमवार को इकराम पड़ोस के इकबाल नामक युवक के पूरे परिवार को उत्तराखंड के रुद्रपुर छोड़ने के लिए अर्टिगा गाड़ी से गए थे। देर रात करीब 12 बजे पत्नी से फोन पर बात हुई तो इकराम ने बताया कि वह सवारी छोड़कर वापस निकल चुका है।और रात तीन बजे के लगभग घर पहुंच जाएगा।
सुबह 5 बजे तक घर न पहुंचने पर परिजनों ने खोजबीन शुरू की। मंगलवार देर शाम काशीपुर-रुद्रपुर के बीच एक खेत में अर्टिगा गाड़ी पलटी हुई मिली, जिसमें इकराम मृत अवस्था में पड़ा था।
सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। बुधवार को शव बढ़ापुर पहुंचा तो परिजनों में कोहराम मच गया। सैकड़ों लोगों की मौजूदगी में शाम को शव को सुपुर्द-ए-खाक कर दिया गया।
लेकिन
ठेकेदार बेखबर, नगर पंचायत की कार्यप्रणाली पर सवाल:
सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि कर्मचारी के दो दिन तक ड्यूटी से गायब रहने और मौत होने के बाद भी आउटसोर्सिंग ठेकेदार विनीत दीक्षित ने इस बारे में किसी भी प्रकार की जानकारी होने से इनकार किया है। इससे नगर पंचायत बढ़ापुर की कार्यप्रणाली और आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की निगरानी व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े हो रहे हैं।



