बरेली
शिक्षक केवल पाठ नहीं, प्रकृति प्रेम भी सिखाता है

नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली। शिक्षक दिवस चरित्र और भविष्य निर्माण के दायित्व को याद करने का अवसर है। आज प्रदूषण, घटते पेड़ और जल संकट बड़ी चुनौती हैं।
शिक्षक यदि ‘पेड़ लगाओ’ के साथ उसकी देखभाल की जिम्मेदारी भी दे, तो बच्चे में प्रकृति प्रेम स्वतः विकसित होता है। ‘एक विद्यार्थी-एक पौधा’, जल संरक्षण, स्वच्छता, प्लास्टिक मुक्त परिसर जैसे अभियान पर्यावरण शिक्षा को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाते हैं।
प्रकृति केवल पेड़ नहीं, स्वच्छ हवा, जल, मिट्टी और जीव-जंतु सभी जीवन का आधार हैं। जरूरत ऐसे शिक्षकों की है जो अच्छे अंक के साथ अच्छा इंसान और प्रकृति रक्षक बनने का संस्कार दें।
प्रवीन कुमार शर्मा, इको क्लब बरेली




