केंद्रीय जलशक्ति मंत्रालय के सम्मेलन में असम के जनस्वास्थ्य मंत्री कृष्णेंदु पाल शामिल
ग्रामीण पेयजल सुरक्षा पर विचार।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
असम : केंद्र सरकार के जलशक्ति मंत्रालय द्वारा 1 और 2 सितंबर को नई दिल्ली के चाणक्यपुरी स्थित सुषमा स्वराज भवन में एक महत्वपूर्ण सम्मेलन आयोजित किया गया, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में शुद्ध पेयजल आपूर्ति को सशक्त करना और दीर्घकालिक जल सुरक्षा सुनिश्चित करना है। सम्मेलन की अध्यक्षता केंद्रीय जलशक्ति मंत्री चि. आर. पाटिल ने की। सम्मेलन में विभिन्न राज्यों के जनस्वास्थ्य विभागों के मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। असम सरकार के जनस्वास्थ्य कारिगरी तथा संबंधित विभाग के मंत्री कृष्णेंदु पाल भी इस कार्यक्रम में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का प्रमुख एजेंडा जल सुरक्षा, जल सेवा प्रदायगी, बहनक्षम जल प्रबंधन और ग्रामीण इलाकों में पानी की गुणवत्ता तथा उपलब्धता से जुड़ी चुनौतियों पर समन्वित नीति और समाधान पर चर्चा करना था।आयोजकों ने बताया कि सम्मेलन में जल संकट, पानी की गुणवत्ता, आपूर्ति की विश्वसनीयता, वृद्धि पाती मांग और स्थानीय स्तर पर प्रायोगिक नवाचारों को साझा करने पर विशेष ध्यान दिया गया। विभिन्न सत्रों में तकनीकी नवाचार, वित्तीय विकल्प, सामुदायिक सहभागिता और सफल मॉडल्स के अनुभव साझा किए गए ताकि उन्हें व्यापक स्तर पर अपनाया जा सके और ग्रामीण पेयजल सेवाओं का स्तर सुधारा जा सके। केंद्र ने यह भी बताया कि सम्मेलन के दूसरे दिन देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कार्यक्रम में शिरकत करेंगे और जल क्षेत्र में दीर्घकालिक रणनीतियों तथा राष्ट्रव्यापी पहलों पर प्रकाश डालेंगे। प्रधानमंत्री के संबोधन से नीति-निर्देशों और सहयोगात्मक पहलों की दिशा स्पष्ट होने की उम्मीद जताई जा रही है।सरकारी सूत्रों के अनुसार इस मंच के माध्यम से राज्यों के बीच अनुभवों का आदान-प्रदान, चुनौतियों का सामूहिक समाधान और लागत-प्रभावी तथा टिकाऊ जल प्रबंधन रणनीतियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया। सम्मेलन से ग्रामीण इलाकों में सुरक्षित पेयजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु नवाचारों और समन्वित कार्ययोजनाओं को गति मिलने की संभावना है।



