बालाघाट

आदिवासी बच्चों की मौत के मामले में कल बालाघाट बंद

30 बच्चों की मौत को लेकर आदिवासी समाज में उबाल, 3 सितंबर को बंद का आह्वान

इमरजेंसी सेवाओं को छोड़कर बाजार, बस, मंडी और व्यापारिक प्रतिष्ठान रहेंगे बंद
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
  बालाघाट : जिले के आदिवासी और बैगा अंचलों में स्वास्थ्य सुविधाओं के अभाव के बीच बच्चों की हुई कथित मौतों के मामले ने अब बड़ा आंदोलन का रूप ले लिया है। करीब 30 आदिवासी बच्चों की मौत के मामले में लगातार धरना-प्रदर्शन, ज्ञापन और आवेदन देने के बावजूद मांगों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए आदिवासी समाज ने 3 सितंबर को बालाघाट बंद का आह्वान किया है। मंगलवार शाम धरना स्थल पर आयोजित पत्रकार वार्ता में समाज के पदाधिकारियों ने बंद को लेकर अपनी रणनीति स्पष्ट की।समाज ने साफ किया है कि बंद के दौरान अस्पताल, एंबुलेंस, दवा दुकान, स्कूल, कॉलेज, रसोई गैस सहित अन्य आवश्यक और इमरजेंसी सेवाओं को बंद से मुक्त रखा जाएगा। वहीं बाजार, व्यापारिक प्रतिष्ठान, बस एवं अन्य परिवहन सेवाएं, सब्जी मंडी सहित अधिकांश व्यावसायिक गतिविधियां बंद रखने का आह्वान किया गया है।
बंद को विभिन्न संगठनों का समर्थन, बाजार बंद रखने की अपील
आदिवासी समाज के पदाधिकारियों के अनुसार 3 सितंबर के बंद को विभिन्न व्यापारी संगठनों, ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन, बस एसोसिएशन, मंडी व्यापारी संघ सहित अन्य संगठनों का समर्थन मिला है। समाज ने व्यापारियों और नागरिकों से बंद को सफल बनाने में सहयोग की अपील की है।पदाधिकारियों का कहना है कि यह बंद केवल विरोध दर्ज कराने के लिए नहीं, बल्कि आदिवासी अंचलों में स्वास्थ्य व्यवस्था की वास्तविक स्थिति और बच्चों की मौत के मामले में जिम्मेदारी तय कराने के लिए किया जा रहा है। उनका आरोप है कि लंबे समय से आवेदन, निवेदन और धरना-प्रदर्शन किए जाने के बाद भी उनकी प्रमुख मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
धरना स्थल पर होगी आमसभा, फिर निकलेगी विशाल रैली
बालाघाट बंद के दौरान धरना स्थल पर विशाल आमसभा का आयोजन किया जाएगा। आमसभा के बाद आदिवासी समाज और विभिन्न संगठनों के लोग संयुक्त रूप से नगर में रैली निकालेंगे। रैली के माध्यम से लोगों को मामले की जानकारी देने के साथ शासन-प्रशासन से जवाब मांगने की बात कही गई है।रैली धरना स्थल से जय स्तंभ चौक, बिरसा मुंडा चौक, जिला अस्पताल, रानी अवंती बाई चौक, काली पुतली चौक, मेन मार्केट, हनुमान चौक, सर्किट हाउस रोड, अंबेडकर चौक, एलआईसी और विश्वेश्वरैया चौक होते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचेगी।
कलेक्टर कार्यालय में सौंपेंगे ज्ञापन, जिम्मेदारों पर कार्रवाई की मांग
रैली के माध्यम से कलेक्टर कार्यालय पहुंचने के बाद आदिवासी समाज और विभिन्न संगठनों की ओर से संयुक्त रूप से ज्ञापन सौंपा जाएगा। समाज की प्रमुख मांगों में जिला स्वास्थ्य एवं मुख्य चिकित्सा अधिकारी तथा प्रभावित क्षेत्रों के बीएमओ को हटाने/बर्खास्त करने, बच्चों की मौत के मामले में जिम्मेदारी तय करने तथा शासन द्वारा प्रभावित परिवारों को दी जा रही मुआवजा राशि बढ़ाने की मांग शामिल है।पदाधिकारियों का कहना है कि आदिवासी अंचलों में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति को लेकर गंभीर सवाल खड़े हुए हैं। ऐसे में केवल आर्थिक सहायता देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि मौतों के कारणों की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जानी चाहिए।
एक दिन का बंद, लेकिन आंदोलन रहेगा जारी
आदिवासी समाज ने स्पष्ट किया है कि 3 सितंबर का बालाघाट बंद एक दिवसीय रहेगा, लेकिन उनका धरना-प्रदर्शन इसके बाद भी जारी रहेगा। समाज के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को आगे और व्यापक किया जाएगा।पत्रकार वार्ता में यह भी कहा गया कि बंद और धरना-प्रदर्शन के दौरान ही आगामी बड़े आंदोलन की रणनीति तैयार की जाएगी।आंदोलनकारियों का कहना है कि बच्चों की मौत जैसे संवेदनशील मामले में सरकार और प्रशासन को जनता के सवालों का जवाब देना होगा।
बच्चों की मौत का मामला बना बड़ा मुद्दा
आदिवासी और बैगा अंचलों में बच्चों की मौत का मामला पिछले कई दिनों से जिले में लगातार चर्चा और विरोध का विषय बना हुआ है। अलग-अलग सामाजिक और राजनीतिक संगठनों की ओर से भी मामले की जांच, स्वास्थ्य सुविधाओं में सुधार और प्रभावित परिवारों को पर्याप्त आर्थिक सहायता देने की मांग उठाई जा रही है।अब 3 सितंबर को प्रस्तावित बालाघाट बंद और उसके बाद निकलने वाली रैली से यह मुद्दा एक बार फिर जिला मुख्यालय पर जोर पकड़ रहा है। आदिवासी समाज ने इसे बच्चों के लिए न्याय और स्वास्थ्य व्यवस्था में जवाबदेही की लड़ाई बताते हुए जिलेवासियों से बंद को समर्थन देने की अपील की है।
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button