बेतुल
बैतूल जीवन अनमोल, आत्महत्या किसी समस्या का समाधान नहीं: पूनम वरकड़े
विश्व आत्महत्या निषेध दिवस पर मानसरोवर स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम, योग-ध्यान से आत्मबल बढ़ाने का संदेश

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। जीवन अनमोल है, किसी भी परिस्थिति में आत्महत्या समस्या का समाधान नहीं है। असफलता, मानसिक दबाव या अवसाद से घबराने के बजाय अपनी समस्याओं को परिजनों और शिक्षकों से साझा कर उनका समाधान तलाशना चाहिए। जिला शिक्षा अधिकारी पूनम वरकड़े ने विश्व आत्महत्या निषेध दिवस पर मानसरोवर द स्कूल में आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में यह बात व्यक्त की।
विश्व आत्महत्या निषेध दिवस पर राज्य आनंद संस्थान के द्वारा मानसरोवर द स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि योग और ध्यान के नियमित अभ्यास से आत्मबल उत्पन्न होता है। योग को जीवन का हिस्सा बनाने से मानसिक विकारों से दूरी बनाने के साथ अपने मन को नियंत्रित रखने का हुनर भी विकसित होता है। युवा पीढ़ी को अपनी समस्याएं माता-पिता और शिक्षकों के साथ साझा करनी चाहिए, ताकि समय रहते उनका समाधान किया जा सके। उन्होंने कहा कि जीवन में लगातार मिल रही असफलताओं से विचलित होने के बजाय मजबूती से आगे बढ़ना चाहिए। असफलता जितनी लंबी होगी, सफलता की मिठास उतनी ही अधिक महसूस होगी।
कार्यक्रम में युवाओं से अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए बिना चिंता और दबाव के लगातार प्रयास करने, विचारों को नियंत्रित रखने और अवसाद से दूर रहने की अपील की गई। साथ ही समझाया गया कि दूसरों से अपनी तुलना नहीं करनी चाहिए, बल्कि अपनी मेहनत और क्षमता पर विश्वास रखना चाहिए। किसी भी प्रकार की अनावश्यक अपेक्षा न रखते हुए सभी लोगों के साथ मधुर संबंध बनाए रखने का संदेश भी दिया गया।
कार्यक्रम में जिला शिक्षा अधिकारी पूनम वरकड़े, श्री गुंजेले, नर्मदा जी (जिला योगा प्रभारी), डॉक्टर रानू वर्मा, वासुदेव काले, चारु वर्मा, महात्मा सौम्यानंद जी, मानसरोवर द स्कूल के चेयरमेन डॉक्टर विनय सिंह चौहान, डायरेक्टर डॉक्टर पुष्पलता साबले, पंकज साबले, हेमराज जसूजा, लीलाराम सरले तथा विद्यालय के प्राचार्य एस. वी. चंद्रशेखर उपस्थित रहे।



