मेरठ
बदले वैश्विक समीकरणों में ऊर्जा सुरक्षा पर मंथन, नेट जीरो लक्ष्य पर जोर
एमआईटी में सतत ऊर्जा के भविष्य पर छह दिवसीय मंथन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मेरठ। एमआईटी मेरठ के रसायन विज्ञान विभाग की ओर से सात से 12 सितंबर तक “सस्टेनेबल फ्यूचर थ्रू नेट जीरो गोल्स: बिल्डिंग रेजिलिएंट एनर्जी रिसोर्सेज इन करंट जियोपॉलिटिकल टेंशंस” विषय पर छह दिवसीय एआईसीटीई प्रायोजित ऑफलाइन एटीएएल फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम (एफडीपी) का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन एमआईटी के निदेशक डॉ. केएलए खान, प्रोफेशनल कोर्सेज के प्रधानाचार्य डॉ. हिमांशु शर्मा, फार्मेसी के प्रधानाचार्य डॉ. नीरज कांत शर्मा और एमआईटी के डीन एकेडमिक्स डॉ. गौरव शर्मा ने किया।एफडीपी में मेरठ, गाजियाबाद, दिल्ली और नोएडा से करीब 50 शिक्षकों, शोधार्थियों और पीजी विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। विभिन्न शैक्षणिक एवं औद्योगिक विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को नेट जीरो लक्ष्यों, ऊर्जा संसाधनों और वैश्विक स्तर पर बदलती ऊर्जा जरूरतों की जानकारी दी। विशेषज्ञों ने सौर, पवन एवं समुद्री ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन, बायो एनर्जी, ऊर्जा भंडारण, स्मार्ट ग्रिड, विकेंद्रीकृत ऊर्जा प्रबंधन, ई-मोबिलिटी एवं इंफ्रास्ट्रक्चर, सतत भवन निर्माण, नीति, वित्त एवं ईएसजी फ्रेमवर्क तथा भू-राजनीतिक तनावों के बीच स्थिरता से जुड़ी चुनौतियों पर व्याख्यान दिए। प्रतिभागियों को हैंड्स-ऑन अनुभव, औद्योगिक एक्सपोजर और शोध पत्रों के अध्ययन का अवसर भी मिला। एफडीपी में बीएससी केमिस्ट्री (ऑनर्स) के विद्यार्थियों ने भी भाग लिया।
कार्यक्रम में डीएन डिग्री कॉलेज मेरठ के प्रोफेसर डॉ. दीप नारायण, आईआईटी रुड़की के डॉ. प्रथम अरोड़ा, सीसीएसयू मेरठ के प्रोफेसर डॉ. संजीव कुमार शर्मा, एसवीपीबीयूएटी मेरठ के प्रोफेसर डॉ. राजेश बिष्ट, सर्किल सीबीजी मेरठ के प्रोपराइटर अंकुर जग्गी, डीएक्ससी टेक्नोलॉजीज बेंगलुरु की प्रोजेक्ट मैनेजर मोनिका गोयल और एमआईटी मेरठ के प्रोफेसर डॉ. अंकुर गोयल ने विभिन्न सत्रों में विशेषज्ञ व्याख्यान दिए। एफडीपी की सफलतापूर्वक को-कोऑर्डिनेशन और व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी रसायन विज्ञान विभाग की एचओडी डॉ. सपना देशवाल ने संभाली। डॉ. अंकुर गोयल ने सभी विशेषज्ञों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। आयोजन समिति में रसायन विज्ञान विभाग के सुमित राणा, डॉ. सुमन गुप्ता और रितिमा ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।


