
नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
बरेली। कान्हा उपवन गौशाला में गौवंश की देखभाल को लेकर उठे सवालों के बीच अधिवक्ता भी मैदान में उतर आए हैं। कान्हा उपवन सेवा संघर्ष समिति के समर्थन में 14 सितंबर को जनपद न्यायालय के अधिवक्ताओं ने समर्थन पत्र जारी कर निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग की है। अधिवक्ताओं ने कहा कि मामले में भावनाओं से ज्यादा कानून और दावों से ज्यादा दस्तावेज देखे जाएं। समिति के शांतिपूर्ण और वैधानिक प्रयासों का समर्थन करते हुए विधि-सम्मत जांच की जरूरत बताई। अब सवाल उठ रहे हैं कि गौवंश की मौत के कारणों का रिकॉर्ड क्या है, बीमार पशुओं के इलाज के अभिलेख कहां हैं, चारा-पानी और सफाई व्यवस्था की निगरानी रिपोर्ट क्या कहती है।
अधिवक्ताओं का कहना है कि यदि व्यवस्था पारदर्शी है तो स्वतंत्र जांच सबसे बड़ा बचाव है और यदि खामी है तो जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। जनता जानना चाहती है कि गौशाला की निगरानी और निरीक्षण की जिम्मेदारी किसकी है।



