असम के मुख्य सूचना आयुक्त भारत भूषण देव चौधरी की उपस्थिति में कामरूप में RTI सशक्तिकरण कार्यक्रम।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
असम : पारदर्शिता, जागरूक नागरिकता और प्रभावी सूचना प्रदान करने के महत्व पर जोर देते हुए मंगलवार को असम के कामरूप जिले में लोक सूचना अधिकारी (PIO) अधिकारियों के लिए सूचना का अधिकार अधिनियम, 2005 (RTI Act, 2005) संबंधी एक सशक्तिकरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का आयोजन कामरूप जिला प्रशासन ने असम राज्य सूचना आयोग और गुवाहाटी की SKYE लीगल पार्टनर्स के सहयोग से एकीकृत जिला आयुक्त कार्यालय के सभाकक्ष में किया। कामरूप जिला आयुक्त देव कुमार मिश्रा ने कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए कहा कि प्रशिक्षण और निरंतर अधिगम से अधिकारी कार्यक्षेत्र में आने वाली चुनौतियों का बेहतर सामना कर पाएंगे। उन्होंने यह भी उम्मीद जताई कि प्रतिभागी सत्रों से प्राप्त ज्ञान अपने-अपने कार्यालयों में RTI के प्रभावी अनुपालन में लागू करेंगे। कार्यक्रम में असम के राज्य मुख्य सूचना आयुक्त भारत भूषण देव चौधरी उपस्थित रहे। मुख्य सूचना आयुक्त ने नागरिक समाज और जन सूचना के अधिकार के महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि शासन व्यवस्था में गोपनीयता की संस्कृति से अधिक खुले एवं पारदर्शी व्यवहार की ओर बदलाव आवश्यक है। मुख्य सूचना आयुक्त ने डिजिटल रूप से निर्मित और परिवर्तित सामग्री के बढ़ते प्रभाव का हवाला देते हुए सही और प्रमाणिक जानकारी की उपलब्धता पर भी बल दिया। उन्होंने बताया कि ऑनलाइन RTI पोर्टल के बारे में जनसामान्य में जागरूकता अभी सीमित है, जिससे मध्यस्थों की भूमिका तथा गलत सूचना के प्रसार का खतरा बना रहता है। कार्यक्रम के तकनीकी सत्रों में असम नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी एवं ज्यूडिशियल अकादमी के छात्र सक्षम पाटियारे ने “तथ्य” और “अभिलेख” की सीमाओं और अर्थ पर एक सत्र संचालित किया। वहीं असम नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के कानून विभाग के सहायक प्रोफेसर डॉ. हिमांशु रंजन नाथ ने RTI की धाराओं 8, 9 और 10 की विस्तृत व्याख्या की। गुवाहाटी उच्च न्यायालय के अधिवक्ता मब्रूर रब्बानी ने कानून के व्यावहारिक क्रियान्वयन से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर अपनी बात रखी।कार्यक्रम में एक विचार-विमर्श सत्र भी रखा गया, जिसमें लोक सूचना अधिकारियों ने वक्ताओं तथा संसदीय निकायों से सीधे प्रश्न-उत्तर किए और RTI के कार्यान्वयन में आने वाली व्यवहारिक समस्याओं पर चर्चा की। कामरूप जिले के अतिरिक्त जिला आयुक्त आदित्य गोगोई और मणिका बरगोहाँई, सहायक आयुक्त, चक्र विषयासमेत विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारियों और संबंधित कर्मचारी भी इस सशक्तिकरण कार्यक्रम में उपस्थित थे। जिला प्रशासन ने कहा कि इस प्रकार के नियमित प्रशिक्षण से सूचना के अधिकार का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित होगा और सार्वजनिक प्रशासन में जवाबदेही एवं पारदर्शिता बढ़ाने में मदद मिलेगी।



