भक्ति के सुरों से गुलजार हुआ देवा मेला, अतुल तिवारी के भजनों ने बांधा समां
गणपति वंदना से राधा नाम की महिमा तक सजी सुरमयी भजन संध्या, भावपूर्ण प्रस्तुतियों पर झूम उठे श्रोता

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बाराबंकी। देवा मेला एवं प्रदर्शनी-2026 की सांस्कृतिक संध्या में शुक्रवार को भक्ति संगीत की मनोहारी छटा देखने को मिली। भजन गायक अतुल तिवारी ने अपनी मधुर आवाज, सधे हुए गायन और भावपूर्ण प्रस्तुतियों से श्रोताओं का मन मोह लिया। उनके भजनों में गणपति वंदना, राधा-कृष्ण की भक्ति और प्रभु के प्रति अटूट श्रद्धा का ऐसा सुरमयी समागम देखने को मिला कि पूरा सांस्कृतिक पंडाल भक्तिरस से सराबोर हो उठा।
अतुल तिवारी ने अपनी प्रस्तुति का शुभारंभ ‘गाइए गणपति जगवंदन’ से कर वातावरण को मंगलमय बना दिया। इसके बाद ‘हेरी सखी मंगल गाओ री’ की सुमधुर प्रस्तुति ने भक्ति और उल्लास के रंग बिखेरे। वहीं, ‘जिसके जपने से मिल जाए नंदलाल, मुझे ला दो भजन वाली वही माला’ भजन के माध्यम से उन्होंने कृष्ण भक्ति की भावधारा प्रवाहित की।
कार्यक्रम में ‘मेरी रसना से राधा-राधा नाम निकले’ की प्रस्तुति ने श्रोताओं को राधारानी की भक्ति में भावविभोर कर दिया। वहीं, ‘निर्बल होकर की जब उन्हें पुकारा है’ भजन ने प्रभु के प्रति पूर्ण समर्पण, विश्वास और आस्था का संदेश दिया। अतुल तिवारी की भावपूर्ण गायकी और भजनों की मधुर स्वर-लहरियों पर श्रोता मंत्रमुग्ध होकर तालियों के साथ कलाकार का उत्साहवर्धन करते रहे।
पूरी भजन संध्या के दौरान भक्ति, संगीत और आध्यात्मिक अनुभूति का अद्भुत संगम दिखाई दिया। अतुल तिवारी की प्रस्तुतियों ने देवा मेला की सांस्कृतिक संध्या को भक्तिमय गरिमा प्रदान की। कार्यक्रम के समापन तक पंडाल में श्रद्धा और उल्लास का वातावरण बना रहा।



