कानपुर
सुहागिनों ने चांद देखकर खोला व्रत,पति की लंबी उम्र के लिए की प्रार्थना

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
कानपुर : अखंड सौभाग्य का महापर्व करवा चौथ पारंपरिक श्रद्धा, उल्लास और बेहद आधुनिक अंदाज में मनाया गया। सुबह से ही सरगी की रस्म के साथ शुरू हुआ यह उत्सव देर रात चंद्रदर्शन और अर्घ्य देने के साथ संपन्न हुआ। वही लक्ष्मी त्रिपाठी ने कहा करवा चौथ सिर्फ एक व्रत नहीं है, यह पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक है। और व्रत सिर्फ भूखा रहना नहीं है बल्कि मन में अपने जीवनसाथी के लिए प्रार्थना और समर्पण का भाव है। आपको बता दे कि करवा चौथ को लेकर शहर के मुख्य बाजारों जैसे नवीन मार्केट, पी रोड, गोविन्द नगर, शास्त्री नगर और गुमती में पिछले दो दिनों से भारी भीड़ देखी गई। करवा चौथ के दिन दोपहर तक महिलाओं ने पूजा की सामग्री, पारंपरिक मिट्टी के करवे, सींक और श्रृंगार का सामान खरीदा। इसके साथ ही, शहर के ब्यूटी पार्लरों और मेहंदी स्टॉलों पर महिलाओं की भारी भीड़ रही, जहां देर रात तक मेहंदी लगाने का दौर चलता रहा। शाम होते ही सुहागिन महिलाएं सोलह श्रृंगार कर पारंपरिक परिधानों—विशेषकर लाल, गुलाबी और सुनहरे रंग की साड़ियों व लहंगों में सजी-धजी नजर आईं। शहर की विभिन्न सोसायटियों,मोहल्लों और मंदिरों में सामूहिक पूजा का आयोजन किया गया। महिलाओं ने एक साथ बैठकर करवा चौथ की पौराणिक कथा सुनी और एक-दूसरे से करवे बदले। इस दौरान बड़े-बुजुर्गों का आशीर्वाद लेकर अखंड सौभाग्य की कामना की गई। इस बार के करवा चौथ पर डिजिटल तकनीक का भी खासा प्रभाव देखने को मिला। कई कामकाजी महिलाओं और दूर रहने वाले दंपत्तियों ने वीडियो कॉल के जरिए चंद्रदर्शन और पूजा की रस्मों को साझा किया। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म जैसे इंस्टाग्राम और फेसबुक पर ‘करवा चौथ लुक’ और ‘रील’ बनाने का क्रेज भी महिलाओं और दंपत्तियों में सिर चढ़कर बोला। रात में जैसे ही आसमान में चांद मुस्कुराया,व्रतधारी महिलाओं के चेहरे खिल उठे। छतों और बालकनियों पर सजी पूजा की थालियों के साथ महिलाओं ने पहले छलनी से चंद्रमा को देखा,उन्हें अर्घ्य दिया और फिर उसी छलनी से अपने पति का चेहरा देखकर आशीर्वाद लिया।



