गोड्डा
एनजीटी की रोक के बावजूद ललमटिया में अवैध बालू खनन जारी, फूलबड़िया बना माफियाओं का गढ़

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो
बोआरीजोर : ललमटिया थाना क्षेत्र अंतर्गत फूलबड़िया गांव इन दिनों अवैध बालू खनन का नया केंद्र बन गया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) द्वारा स्पष्ट रूप से बालू खनन पर प्रतिबंध लगाए जाने के बावजूद, यहाँ खुलेआम बालू की अवैध ढुलाई हो रही है।ग्रामीणों की मानें तो रोजाना दर्जनों ट्रैक्टर बालू से लदे होकर निकलते हैं, जिन पर न तो कोई नंबर प्लेट होती है और न ही वैध परिवहन चालान। यह सब प्रशासन और पुलिस की नाक के नीचे हो रहा है, मगर कार्रवाई के नाम पर पूरी व्यवस्था मौन है। सबसे बड़ा सवाल यही उठता है कि जब एनजीटी और खनन विभाग की गाइडलाइंस इतनी सख्त हैं, तो फिर ये कारोबार कैसे चल रहा है?
क्या प्रशासनिक संरक्षण के बिना ऐसा संभव है? या फिर मामला ऊपरी स्तर तक हिस्सेदारी का है, जहां सब कुछ ‘समझौते’ के तहत चलता है। झारखंड सरकार को इस अवैध खनन से प्रतिदिन लाखों रुपए के राजस्व नुकसान हो रहा है।
सिर्फ बालू ही नहीं, बल्कि इसके साथ जुड़े सरकारी नियम, पर्यावरणीय दिशा-निर्देश और स्थानीय संसाधनों की लूट भी तेज़ी से हो रही है। यह सरकार की नीतियों और पर्यावरण संरक्षण कानूनों का सीधा उल्लंघन है।
स्थानीय लोग इस मुद्दे को लेकर नाराज जरूर हैं, लेकिन बालू माफियाओं के डर से खुलकर कुछ कहने से बचते हैं। कुछ ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि यदि कोई विरोध करता है तो उसे धमकाया जाता है या सामाजिक तौर पर अलग-थलग कर दिया जाता है। वहीं ग्रामीणों व जनप्रतिनिधियों की मांग है कि इस पूरे मामले की ऊच्च स्तरीय जांच होनी चाहिए और इसमें शामिल बालू माफियाओं, दलालों और संबंधित अधिकारियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।



