अमेठी

परिषदीय विद्यालयों को मर्ज करने के फैसले के विरोध में सड़क पर उतरे शिक्षक,एस सी/एस टी टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने दिया ज्ञापन

बच्चों की अनिवार्य और निशुल्क शिक्षा के मामले में सरकार का आत्मघाती कदम है पेयरिंग का फैसला -दयाशंकर

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 
अमेठी। उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से कम छात्र संख्या वाले परिषदीय विद्यालयों को मर्ज करने और पेयरिंग के फैसले के विरोध में एस सी/,एस टी टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन ने सोमवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को दिया। ज्ञापन में स्कूलों को मर्जर करने के फैसले को तत्काल वापस लेने की मांग की।
शिक्षक एकता जिंदाबाद, स्कूल मर्जर बंद करो, अभी तो ये अंगड़ाई है, आगे और लड़ाई है, लोकतंत्र में तानाशाही नहीं चलेगी, नहीं चलेगी —, आदि नारे लगाते हुए सैकड़ों की संख्या में शिक्षक शिक्षिकाएं  कलेक्ट्रेट में जमा हुए और डीएम कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा।
ज्ञापन के समय शिक्षकों का नेतृत्व एस सी/एस टी टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन के जिला अध्यक्ष पवन‌ कुमार और मंत्री राम सुमिरन चक्रवर्ती ने किया। उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के महामंत्री रमाकांत मौर्य, वरिष्ठ उपाध्यक्ष और बामसेफ के जिला संयोजक संजीव भारती, उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष धीरेन्द्र प्रताप सिंह, जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के उपाध्यक्ष अजय कुमार मौर्य, ब्लाक अध्यक्ष सत्यदेव यादव भी अपनी टीम के साथ विरोध प्रदर्शन में शामिल हुए।
आठ सूत्रीय ज्ञापन में संगठन की ओर से पेयरिंग के विरोध के कारणों का उल्लेख किया गया है।
जिला अध्यक्ष पवन कुमार ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से स्कूलों को मर्ज करने का फैसला बाल अधिकारों का हनन है। इससे गरीबों के बच्चे शिक्षा से वंचित हो जाएंगे। भविष्य में शिक्षकों की नियुक्तियां नहीं होंगे। अनुदेशकों, शिक्षामित्रों और रसोइयों की आजीविका पर गहरा संकट उत्पन्न हो जाएगा।
बामसेफ के जिला संयोजक संजीव भारती ने कहा कि स्कूलों को मर्ज करने का फैसला आर टी ई-2009के प्रावधानों का खुला उल्लंघन है। माननीय न्यायालय को इसे स्वयं संज्ञान में लेकर फैसले पर रोक लगानी चाहिए।
पूर्व मा शि संघ के जिला महामंत्री रमाकांत मौर्य ने कहा कि सरकार निजीकरण को बढ़ावा देने के साथ बेसिक शिक्षा विभाग को खत्म करने की साज़िश कर रही है। शिक्षक इस फैसले को कभी स्वीकार नहीं करेंगे।
एस सी/,एस टी टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन के महामंत्री आर एस चक्रवर्ती ने कहा कि सरकार के फैसले के विरोध में संघर्ष तब तक जारी रहेगा जब तक फैसला वापस नहीं लिया जाता।
मीडिया प्रभारी सुरेन्द्र बौद्ध वरिष्ठ शिक्षक राम चन्द्र, श्याम लाल, संतराम,राम कुमार, तुलसी राम शास्त्री,हरिकेश भारती, गुरुचरण गौतम,राजू बौद्ध, शोभाशरण, फूलचंद्र ,रामनरेश,,रामसरन, शिवलाल, राकेश कुमार, राजकुमार ,ललित कुमार, राजेन्द्र कुमार आदि मौजूद रहे।
कोट
उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से स्कूलों को मर्ज करने और पेयरिंग का फैसला सरकार काआत्मघाती कदम है।यह आर टी ई के प्रावधानों का गला घोंटने वाला फैसला है। एक तरफ सरकार बाल संरक्षण आयोग चला रही है, दूसरी तरफ बाल अधिकारों का हनन करने और गरीबों के बच्चों को अनिवार्य और निशुल्क शिक्षा से वंचित करने के लिए स्कूलों को बंद कर रही है।इस फैसले से उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा चलाए जा रहे समावेशी शिक्षा, समग्र शिक्षा अभियान, निपुण लक्ष्य के कार्य और उद्देश्य अधूरे रह जायेंगे।
दयाशंकर
मंडल अध्यक्ष
एस सी/एस टी टीचर्स वेलफेयर एसोसिएशन, अयोध्या मंडल, उत्तर प्रदेश
इनसेट
शिक्षक संगठनों को झटका, कोर्ट सरकार के साथ
अमेठी।
 परिषदीय विद्यालयों को मर्ज करने के विरोध में हाईकोर्ट में दायर याचिकाओं को सुनवाई के बाद कोर्ट ने खारिज कर दिया है। इससे शिक्षक संगठनों को झटका लगा है। अदालत फिलहाल सरकार के पक्ष में खड़ी नजर आ रही है।
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