साहित्यकार समय का सच लिखें।वही समाज को सही दिशा दिखा सकता है – डॉ सुरेशचन्द्र शुक्ल

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो
अमेठी। ओस्लो नार्वे,प्रेमचंद जयंती पर एक साहित्यिक विमर्श का आयोजन डिजिटल मंच पर भारतीय-नार्वेजीय सूचना एवं सांस्कृतिक फोरम द्वारा किया गया। अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि साहित्यकार समाज का सच लिखे।वही समाज को सही दिशा दिखा सकता है।डॉ शरद आलोक ने कहा कि यथार्थवादी चिंतक, उपन्यास सम्राट मुंशी प्रेमचंद जी ने ब्रिटिश हुकूमत के समय देश एवं समाज को सही दिशा एवं न्याय मिले 15 उपन्यास,300 से अधिक कहानियां तथा 3 नाटक आदि प्रचुर साहित्य लिखकर अमर हो गये।हिन्दी साहित्य जगत सदैव उनका ऋणी रहेगा।फोरम द्वारा आयोजित साहित्यिक विमर्श,जिसमें डॉ.किरण खन्ना,प्रो.बाबूराम, प्रो. आनन्द प्रकाश त्रिपाठी, प्रो.रिपुसूदन सिंह, फिल्माचार्य आनन्द शर्मा, डॉ.अनवर अहमद सिद्दीक़ी,डॉ.ममता सिंह,ऋषि कुमार मणि त्रिपाठी,लोकेश कुमार जोशी,रामा रानी और डॉ.अर्जुन पाण्डेय आदि प्रमुख रहे।प्रेमचंद जयन्ती की पूर्व संध्या पर अंतरराष्ट्रीय प्रेमचंद सम्मान -2025 दिया गया।

