पटना में वोटर अधिकार यात्रा में राहुल के साथ रहेंगे मुख्यमंत्री व झामुमो अध्यक्ष हेमन्त सोरेन, इंडिया गठबंधन की एकता का देंगे संदेश- विनोद पांडेय
Chief Minister and JMM President Hemant Soren will be with Rahul in the Voter Rights Yatra in Patna, will give the message of unity of India Alliance - Vinod Pandey

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
रांची। झामुमो के केंद्रीय महासचिव विनोद पांडेय ने कहा कि वोट अधिकार यात्रा ने भाजपा और एनडीए की नींद उड़ा दी है। उन्होंने कहा कि बिहार की राजनीति में सोमवार को एक बड़ा दृश्य देखने को मिलेगा। राजधानी पटना में झामुमो अध्यक्ष व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी, बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव के साथ वोटर अधिकार यात्रा के समापन अवसर पर पटना में मौजूद रहेंगे। इस ऐतिहासिक अवसर पर विपक्षी एकता के शक्ति प्रदर्शन में तब्दील होगा। इस विशाल रैली में झारखंड के मुख्यमंत्री और झामुमो अध्यक्ष हेमंत सोरेन की उपस्थिति विशेष महत्व रखती है। विनोद पांडेय ने आगे कहा कि एसआईआर की प्रक्रिया के खिलाफ जागरूकता का आलम यह है कि आज जनता समझ चुकी है कि चुनाव आयोग किस तरह एक राजनीतिक दल की तरह काम कर रहा है। इस षड्यंत्र के खिलाफ लड़ाई जारी रहेगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन इंडिया गठबंधन के मजबूत स्तंभ हैं। जब संसद में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की आवाज दबाई गई है, तो सड़क पर संघर्ष कर लोकतंत्र को बचाने और संविधान की रक्षा बेहद जरूरी बन गया है। इस अभियान में झामुमो इंडिया गठबंधन के साथ पूरी मजबूती के साथ खड़ा है और रहेगा। विनोद पांडेय ने आरोप लगाया है कि एसआइआर की प्रक्रिया भाजपा और चुनाव आयोग की संयुक्त साजिश है, ताकि भाजपा की विचारधारा से विपरित मतदान करने खास तौर पर गरीब, पिछड़े, अल्पसंख्यक, दलित, मजदूर, किसान, आदिवासी वर्ग को वोट के अधिकार से वंचित किया जा सके। लेकिन, मतदाता अब जागरूक हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले बिहार विधानसभा चुनाव में जनता इंडिया महागठबंधन के पक्ष में स्पष्ट बहुमत देकर अपना फैसला सुनाएगी। ठीक वैसे ही जैसे 2024 में झारखंड में हेमंत सोरेन के नेतृत्व में इंडिया गठबंधन को आशीर्वाद देकर सत्ता सौंपी थी। विनोद पांडेय ने कहा कि झारखंड में सत्तारूढ़ झामुमो गठबंधन पहले ही एसआइआर के खिलाफ विधानसभा से प्रस्ताव पारित कर अपना संदेश जन जन तक पहुंचा चुका है। हेमंत सोरेन ने इसे लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया था। बिहार में भी विपक्ष ने एसआइआर को गरीब वोटरों को हाशिए पर धकेलने की साजिश करार दिया है।



