उत्तरकाशी

यमुना वैली के गीठ क्षेत्र फैले वायरल बुखार के सक्रमंण के बाद सक्रिय हुआ प्रशासन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

उत्तरकाशी : यमुना वैली के गीठ पट्टी क्षेत्र के पिंडकी, मदेश तथा आस–पास के गांवों में वायरल बुखार के बढ़ते मामलों का जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने तत्काल संज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य विभाग को गांव में स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी के निर्देशानुसार स्वास्थ्य विभाग की टीम ने प्रभावित गांवों में पहुंचकर विशेष स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए तथा ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण किया।

स्वास्थ्य शिविर के दौरान चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मियों द्वारा 83 ग्रामीणों की बुखार, सर्दी-जुकाम, शुगर एवं ब्लड प्रेशर की जांच की गई। जिनमें मुख्यत: बुजुर्ग, गर्भवती महिलाएं और बच्चों का परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य परीक्षण उपरांत आवश्यक दवाई उपलब्ध कराई गई। स्वास्थ्य टीम में चिकित्सा अधिकारी डॉ अखिल राणा, डॉ. भीम, अजय चौहान, एकता, आरती, चतर सिंह शामिल थे।

एक अन्य टीम द्वारा मोरी ब्लॉक के अंतर्गत सुदूरवर्ती ‘भीतरी’ गाँव में स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया। प्रभारी चिकित्सा अधिकारी मोरी डॉ. नितेश रावत के नेतृत्व में स्वास्थ्य विभाग की विशेषज्ञ टीम ने गांव में शिविर लगाकर स्वास्थ्य परीक्षण और दवाइयों का वितरण किया। इस शिविर में क्षेत्र के कुल 120 मरीजों के स्वास्थ्य की जांच की गई। स्वास्थ्य विभाग की इस टीम में डॉ. विपुल बर्थवाल, सामुदायिक स्वास्थ्य अधिकारी राजेंद्र और संदीप शामिल रहे।

मुख्य चिकित्सा अधिकारी के मार्गदर्शन में 100 दिवसीय टीबी अभियान के तहत आज ग्राम सभा नागणगांव/थान में स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया गया। शिविर में कुल 70 लोगों की स्वास्थ्य जांच की गई, जिसमें 50 लोगों के एक्स-रे, 40 लोगों की शुगर जांच एवं 30 लोगों का रक्तचाप परीक्षण किया गया। जांच उपरांत सभी लाभार्थियों को निःशुल्क दवाइयां वितरित की गईं। शिविर में सीएचसी नौगांव से डॉ. दीपक, सीएचओ वंदना डोगरा, एसटीएस विजेन्द्र पंवार, एएनएम आरती, एएफ सरिता, धर्मेन्द्र चौहान, ज्योति एवं अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे। इस दौरान ग्राम प्रधान हरदेव चौहान भी मौजूद रहे। शिविर का उद्देश्य ग्रामीणों को उनके निकट स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराना तथा स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना था।

जिलाधिकारी प्रशांत आर्य ने कहा कि जनस्वास्थ्य प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी ग्रामीण को उपचार के अभाव में परेशानी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग को प्रभावित क्षेत्रों में नियमित निगरानी रखने, दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने तथा आवश्यकतानुसार अतिरिक्त चिकित्सा टीमों की तैनाती के निर्देश दिए हैं।

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