बेतुल
बैतूल विवाहिता ने भरण-पोषण के लिए भूख हड़ताल की दी चेतावनी
कलेक्टर एसपी को सौंपा ज्ञापन, ससुराल पक्ष पर लगाए कई गंभीर आरोप

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। पति के खिलाफ प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए एक विवाहिता ने अब प्रशासन के दरवाजे पर दस्तक दी है। उसने आरोप लगाया कि शादी के कुछ ही महीनों बाद उसके साथ मारपीट, दहेज की मांग और दूसरी शादी की धमकियां शुरू हो गईं। हालात इतने बिगड़े कि वह अपने छोटे बच्चे के साथ पिछले दो वर्षों से मायके में रहने को मजबूर है। थाने में शिकायतें करने के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर उसने चेतावनी दी है कि अगर न्याय नहीं मिला तो कलेक्टर ऑफिस के सामने भूख हड़ताल पर बैठेगी।
ग्राम उदामा निवासी फरियादी वत्सला इवने ने अपने पति मिथलेश एवं ससुराल पक्ष के लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर एवं पुलिस अधीक्षक बैतूल को ज्ञापन सौंपकर भरण-पोषण राशि दिलाने की मांग की है। वत्सला ने चेतावनी दी है कि यदि 25 दिनों के भीतर कार्यवाही नहीं होती है तो वह कलेक्टर कार्यालय के सामने अंशकालीन समय तक भूख हड़ताल पर बैठ जाएगी।
आवेदिका वत्सला ने बताया कि उसका विवाह 2 मई 2022 को ग्राम उदामा में हुआ था। प्रारंभ में तीन माह तक सब कुछ ठीक रहा, लेकिन इसके बाद पति मिथलेश इवने ने छोटी-छोटी बातों पर मारपीट करना शुरू कर दिया। दहेज की मांग के लिए उसे प्रताड़ित किया जाने लगा और यहां तक कहा गया कि दूसरा विवाह कर लेंगे। सास रूनकी और ननंद ने भी उसे मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया। वत्सला ने कहा कि उसे कई दिनों तक भूखा रखा गया, मोबाइल तोड़ दिया गया और बाल पकड़कर भी पीटा गया।
उसने बताया कि फिलहाल वह अपने ढाई साल के बेटे के साथ पिछले दो वर्षों से मायके में रह रही है। इस दौरान पति ने कई बार उसके माता-पिता और भाई को जान से मारने की धमकी दी। सावलमेंढा बाजार में पिता को घेरकर जान से मारने की धमकी दी गई थी। पूर्व में थाने में शिकायत भी की गई, लेकिन अभी तक कोई कार्यवाही नहीं हुई है। वत्सला ने कहा कि एक बार पति की मारपीट से उसे गंभीर चोटें आई थीं, जिसके इलाज में परतवाड़ा में करीब 2 लाख रुपये खर्च हुए।
आवेदिका ने अपनी जान को भी खतरा बताया है और कहा है कि अगर कोई अनहोनी होती है तो इसके जिम्मेदार उसके पति, ससुर और सास होंगे। उसने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक से गुहार लगाई है कि उसे और उसके बेटे को जीवन-यापन के लिए 20 हजार रुपये प्रतिमाह भरण-पोषण राशि दिलवाई जाए। इस संबंध में ज्ञापन की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री भोपाल, पुलिस महानिरीक्षक नर्मदापुरम एवं मानवाधिकार आयोग भोपाल को भी भेजी गई है।



