गाजियाबाद
पुलिस-आरोपियों की साठगांठ से ठप कार्यवाही
लोनी बॉर्डर थाने में आरोपी करता रहा कंप्यूटर पर काम, मुख्यमंत्री के आदेशों के बाद भी कार्यवाही अधर में
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लोनी। थाना लोनी बॉर्डर से जुड़ा एक गंभीर मामला सुर्खियों में है, जहाँ आरोप है कि पुलिस अधिकारियों और आरोपियों की साठगांठ के चलते न्याय प्रक्रिया ठप पड़ी हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आदेश पर मुकदमा अपराध संख्या 0395/2025 दर्ज होने के बावजूद भी इस मामले में कार्यवाही की रफ्तार बेहद धीमी से चल रही है
पीड़ित पवन कुमार पुत्र बनारसी दास निवासी सुनीता बिहार का कहना है कि उसके खिलाफ थाने में 126/135 दंड प्रक्रिया संहिता के अन्तर्गत फर्जी मुकदमा दर्ज किया गया, जिसकी रिपोर्ट संबंधित पुलिस अधिकारियों ने घर बैठकर तैयार की। इस रिपोर्ट का उद्देश्य केवल अवैध वसूली और थाने में कार्य कर रहे आरोपी को बचाना था।
गंभीर आरोप यह भी है कि मुकदमे से जुड़ा एक आरोपी अभिषेक पुत्र राजपाल निवासी गुलाब वाटिका कालोनी अस्थायी रूप से लोनी बॉर्डर थाने में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में कार्यरत है, वही थाने में बैठकर काम करता रहा। इसके बावजूद पुलिस ने उसके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की।
पीड़ित पवन कुमार थाने से लेकर मुख्यमंत्री कार्यालय तक कई बार गुहार लगा चुका है, लेकिन कार्य की गति से वह निराश है। पीड़ित का सवाल है कि क्या उसे न्याय मिलेगा या यह मामला भी पुलिस-आरोपी की सेटिंग में कागज़ों तक ही सीमित रह जाएगा। जांच अधिकारी द्वारा लगातार कार्यवाही करने का आश्वासन दो दिया जाता है लेकिन नतीजा वही ढाक के तीन पात वाला निकला


