बागपत
आयुर्वेदिक व यूनानी विभाग में अफसरों की कमी से ठप पड़े जनहित के कार्य

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बागपत : बागपत जनपद में आयुर्वेदिक व यूनानी विभाग के हालात बद से बदतर होते जा रहे हैं। विभागीय दफ्तर में क्षेत्रीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी अधिकारी व लिपिक की तैनाती न होने के कारण न सिर्फ कर्मचारियों की समस्याएं बढ़ गई हैं, बल्कि मरीजों तक दवाओं की आपूर्ति भी बाधित हो रही है।
प्रान्तीय आयुर्वेदिक एवं यूनानी चिकित्सा सेवा संघ, उत्तर प्रदेश की बागपत शाखा ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर इन हालात पर तत्काल संज्ञान लेने की मांग की है।
संघ ने उठाए ये मुद्दे –
अगस्त 2025 माह का कर्मचारियों का वेतन अब तक लंबित है। वेतन न मिलने से कर्मचारी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं।
अवकाश स्वीकृति और अन्य सामान्य प्रशासनिक कार्य भी ठप पड़े हैं।
उच्च अधिकारी व लिपिक के अभाव में चिकित्सालयों में दवाओं की आपूर्ति सुचारू नहीं हो पा रही, जिसके चलते रोगियों को इलाज में परेशानी झेलनी पड़ रही है।
संघ पदाधिकारियों— डॉ. विपिन पंवार (अध्यक्ष), डॉ. रूबी प्रजापति (महिला उपाध्यक्ष), डॉ. शमीम अहमद (उपाध्यक्ष यूनानी), डॉ. कुलदीप कटारिया (कोषाध्यक्ष) व डॉ. अविन्द कुमार—ने कहा कि अगर समय रहते हालात नहीं सुधारे गए तो आयुर्वेदिक व यूनानी चिकित्सालयों में मरीजों की संख्या पर सीधा असर पड़ेगा।
संघ ने जिलाधिकारी से मांग की है कि शीघ्र अधिकारी व लिपिक की तैनाती की जाए और लंबित वेतन भुगतान कराया जाए, जिससे विभागीय कार्य व मरीजों की सेवा प्रभावित न हो।
सवाल यह है कि जब प्रदेश स्तर से शासनादेश मौजूद हैं तो फिर बागपत जैसे जिलों में अफसरों की तैनाती में इतनी लापरवाही क्यों? क्या मरीजों की सेहत और कर्मचारियों की समस्याओं की सुध लेने वाला कोई है?
उपरोक्त सभी समस्याओं का कारण विभाग अध्यक्ष डॉ मोनिका गुप्ता के 15 जून को स्थानान्तरण होने के बाद भी पद को नहीं छोड़ना है।


