विशेष संवाद

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बड़ौत (बागपत) : शिक्षा के क्षेत्र में निरंतर उत्कृष्ट कार्य करते हुए बड़ौत क्षेत्र की जानी-मानी शिक्षाविद् रेनू शर्मा ने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। वर्तमान में वह मदर मेरी स्कूल, कनिष्क बिहार पट्टी चौधरान, बड़ौत (बागपत) में बतौर प्रिंसिपल सेवाएं दे रही हैं। MA व B.Ed की डिग्री प्राप्त रेनू शर्मा ने अपने समर्पण, दूरदृष्टि और कड़ी मेहनत से शिक्षा को एक मिशन के रूप में अपनाया है।
“नेशनल प्रेस टाइम्स” से हुई विशेष बातचीत के प्रमुख अंश
प्रश्न: रेनू जी, आपको शिक्षा के क्षेत्र में आने की प्रेरणा कहाँ से मिली?
रेनू शर्मा: “मेरे लिए शिक्षा केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि समाज में बदलाव का माध्यम है। बचपन से ही मुझे पढ़ाने और बच्चों के बीच रहने का शौक था। इसी जुनून ने मुझे इस क्षेत्र में आने की प्रेरणा दी।”
प्रश्न: एक टीचर से लेकर प्रिंसिपल और फिर अपना स्कूल चलाने तक का सफर कैसा रहा?
रेनू शर्मा: “यह सफर आसान नहीं था। शुरुआत में कई चुनौतियाँ आईं — सीमित संसाधन, समाज की अपेक्षाएँ, नई सोच को स्वीकार करवाना… लेकिन मैंने हार नहीं मानी। मेहनत और टीम वर्क ने रास्ता बनाया। आज पीछे मुड़कर देखती हूँ तो गर्व होता है।”
प्रश्न: आपके स्कूल की सबसे बड़ी खासियत क्या है?
रेनू शर्मा: “हम बच्चों को सिर्फ परीक्षा के लिए नहीं, जीवन के लिए तैयार करते हैं। हमारे यहाँ आधुनिक शिक्षण तकनीकों के साथ-साथ नैतिक शिक्षा, संस्कार और व्यवहारिक ज्ञान पर विशेष ध्यान दिया जाता है।”
प्रश्न: शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रही महिलाओं के लिए आपका क्या संदेश है?
रेनू शर्मा: “महिलाएँ अगर ठान लें तो हर क्षेत्र में बदलाव ला सकती हैं। शिक्षा में महिला शिक्षकों की भूमिका बहुत अहम है। मेरा संदेश है — अपने सपनों पर भरोसा रखिए, मेहनत कीजिए, समाज अपने आप बदलता जाएगा।”
रेनू शर्मा ने अपने कार्यों से यह साबित कर दिया है कि सच्ची लगन और निष्ठा से न केवल व्यक्तिगत उपलब्धियाँ हासिल की जा सकती हैं, बल्कि समाज में वास्तविक परिवर्तन भी लाया जा सकता है।


