नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लोनी : लोनी का प्रमुख बाजार इन दिनों दुकानदारों के अतिक्रमण की मार झेल रहा है। बाजार की सड़क पर दुकानदारों ने इस हद तक कब्ज़ा जमा लिया है कि वहां चलना भी मुश्किल हो गया है। ऐसा लगता है मानो अधिक से अधिक जगह घेरने की होड़ मची हो। परिणामस्वरूप पहले से व्यस्त रहने वाली सड़क अब इतनी तंग हो गई है कि आम नागरिकों को रोजाना भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
लोनी का यह मुख्य बाजार न सिर्फ शहरी बल्कि ग्रामीण इलाकों के लोगों के लिए भी खरीदारी का प्रमुख केंद्र है। मगर दुकानदारों के अतिक्रमण ने यहां खरीददारी को मुश्किल बना दिया है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों को तंग गलियों और भीड़ में फंसना आम बात हो गई है।
करीब 15 से 20 फुट चौड़ी सड़क अब कई स्थानों पर केवल 8 फुट या उससे भी कम रह गई है। कई दुकानदारों ने अपनी दुकान के आगे तख्त लगाकर सड़क पर कब्जा कर लिया है और उसे छोटे व्यापारियों को गैरकानूनी रूप से किराए पर दे दिया है। वहीं कुछ दुकानदारों ने रस्सियों और बांसों की मदद से ऊपर तक सामान टांग रखा है, जिससे बाजार की व्यवस्था और अधिक बिगड़ गई है।
भीड़ से बढ़ते विवाद, सुरक्षा व्यवस्था नदारद
संकरी सड़क और भीड़भाड़ के कारण ग्राहकों का आपस में टकराना आम बात बन गई है। छोटी-सी बात पर बहस और झगड़े की स्थिति पैदा हो जाती है। दुर्भाग्य यह है कि ऐसी परिस्थितियों में बाजार क्षेत्र में पुलिस या सुरक्षा कर्मियों की उपस्थिति नजर नहीं आती।
दो-तिहाई सड़क पर दुकानदारों का कब्ज़ा, प्रशासन खामोश
मुख्य बाजार की लगभग दो-तिहाई सड़क दुकानदारों के अतिक्रमण की चपेट में है। दुकानदार अपने-अपने हिस्से को निजी संपत्ति की तरह इस्तेमाल कर रहे हैं। कोई उनसे विरोध करे तो वे अभद्रता या मारपीट पर उतर आते हैं।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि संबंधित विभागों को इस स्थिति की पूरी जानकारी है, फिर भी अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लोगों का सवाल है कि प्रशासन आखिर कब नींद से जागेगा और बाजार को अतिक्रमण मुक्त कराएगा?

