
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो
बरेली। इंटरनेशनल यूनिवर्सिटी के रोहिलखंड कैंसर इंस्टीट्यूट और इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) के सहयोग से शनिवार की रात सीएमई आयोजित की गयी। सीएमई का विषय ”आशा सम्मान और चिकित्सा का विस्मृत पक्ष” रहा। कार्यक्रम में शहर के अनेक चिकित्सकों ने भाग लिया। विशेषज्ञों ने कहा, शरीर संकेत दे तो पैलिएटिव केयर कराएं और कैंसर विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। कार्यक्रम में रोहिलखंड मेडिकल कॉलेज के कंसल्टेंट एवं पैलिएटिव मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. मयूर घोघरी ने अत्यंत प्रभावशाली एवं प्रेरणादायक व्याख्यान दिया। कहा कि कैंसर रोगियों में तरह-तरह के शारीरिक लक्षण दिखाई देते हैं, जैसे कि दर्द, सांस फूलना, खून का रिसाव, पेशाब करने में तकलीफ, दस्त, पानी की कमी हो जाना, बेसुधी, थकान, भोजन निगलने में असमर्थता, नींद न आना, चिंता, डिप्रेशन इत्यादि। इसके साथ-साथ उनको मानसिक परेशानियां भी होने लगती हैं, इसलिए कैंसर से जूझ रहे मरीजों को बीमारी का पता लगने पर जितना जल्द हो सके पैलिएटिव केयर के बारे में सोचना शुरू कर देना चाहिए।



