सिंगरौली
मजौना रेत खदान में लोडिंग पर दबंगई के आरोप
ग्रामीण बोले पंचायत से लेकर प्रशासन तक हो रहा है गुमराह

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली : मजौना रेत खदान में लोडिंग कार्य को लेकर लगातार विवाद गहराता जा रहा है। ग्रामीणों और सूत्रों का कहना है कि खदान में लोडिंग का काम संभालने वाले एक स्थानीय प्रभावी व्यक्ति ने यहाँ NGT गाइडलाइन और प्रशासनिक नियमों की अनदेखी कर कथित रूप से मनमानी शुरू कर दी है। ग्रामीणों के मुताबिक खदान की तस्वीरें और गतिविधियाँ शासन-प्रशासन के लिए आज खुली चुनौती जैसी दिख रही हैं।
ग्रामीणों का आरोप लोडिंग का ठेका मिला और शुरू हो गई दबंगई
स्थानीय लोगों के अनुसार रेत परिवहन और लोडिंग का जिम्मा मिलने के बाद से ही क्षेत्र में कई विवादित गतिविधियाँ बढ़ी हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि खदान संचालित करने वाली कंपनी ने जिम्मेदारी एक स्थानीय दबंग को सौंप दी, जिसके बाद नियमों की अनदेखी और कथित सेटिंग सिस्टम खुलकर हावी होने लगा है।
सूत्रों के अनुसार खदान का सीमांकन और नापी आज तक नहीं, लीज के बाहर उत्खनन के आरोप
सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि मजौना रेत खदान का सीमांकन और नापी आज तक विधिवत नहीं कराई गई है। ग्रामीणों का कहना है कि इसी का फायदा उठाकर लीज क्षेत्र के बाहर से भी रेत का अवैध उत्खनन होने की शिकायतें सामने आती रही हैं। स्थानीय दावा है कि सीमा तय ही नहीं है, इसलिए मनमानी तरीके से जेसीबी जहाँ-तहाँ चल रही है।
पंचायत पर दबाव सरपंच-सचिव को मोहरा बनाकर काम कराता है
सूत्रों ने बताया कि यह व्यक्ति खुद को क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों का करीबी बताकर पंचायत में भी अपनी पकड़ बनाने की कोशिश करता है। ग्रामीणों ने व्यंग्य में कहा-पंचायत को भी अपने कब्जे में होने का दावा करता है… सरपंच और सचिव को मोहरा बनाकर मनमानी करवाता है। हालाँकि, इन आरोपों की पुष्टि प्रशासनिक स्तर पर नहीं हो सकी है।
पहले मंदिर पर कब्जे का भी आरोप खबर छपी तो खाली करना पड़ा
सूत्रों के अनुसार इसी व्यक्ति द्वारा पहले गाँव के एक मंदिर परिसर में गोदाम बनाकर कब्जा करने की भी शिकायत सामने आई थी। उस समय खबरें प्रकाशित होने के बाद दबाव बढ़ा तो उसे वहाँ से सामान हटाना पड़ा। ग्रामीणों का कहना है कि यह घटना भी क्षेत्र में पहले से ही नाराज़गी का कारण बनी हुई है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों की छवि पर असर
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र के जनप्रतिनिधि वर्षों की मेहनत और जनता के विश्वास से अपने पदों तक पहुँचे हैं, लेकिन एक व्यक्ति की कथित दबंगई पूरे इलाके में गलत संदेश दे रही है। ग्रामीणों ने कहा-जनप्रतिनिधियों को संज्ञान लेना चाहिए, क्योंकि एक व्यक्ति की हरकतों से पूरे क्षेत्र में उनकी छवि कमजोर पड़ रही है।
NGT गाइडलाइन पर फिर उठ रहे सवाल
ग्रामीणों का दावा है कि पहले भी मजौना खदान में NGT नियमों के उल्लंघन की शिकायतें दर्ज हुई हैं, और अब लोडिंग वाले विवाद ने मामला और गंभीर बना दिया है। स्थानीय लोग उच्च स्तरीय जाँच की माँग कर रहे हैं ताकि खदान की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सके और जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाए।



