पाकुड़लिटीपाड़ा

पाकुड़ के पहाड़ी इलाकों में विकास से कोसों दूर आदिम जनजाति समुदाय

Primitive tribal communities in the hilly areas of Pakur are far from development

नेशनल प्रेस टाइम्स।
झारखंड राज्य के पाकुड़ जिले के लिट्टीपाड़ा प्रखंड अंतर्गत पहाड़ी क्षेत्रों में आज़ादी के 78 वर्ष बीत जाने के बावजूद विकास ज़मीनी स्तर पर नहीं उतर पाया है। सरकारी काग़ज़ों में विकास के दावे भले ही किए जा रहे हों, लेकिन हकीकत इससे बिल्कुल अलग नज़र आती है। इन दुर्गम पहाड़ी इलाकों में निवास करने वाला आदिम जनजाति समुदाय आज भी पीने के पानी के लिए प्राकृतिक झरनों पर निर्भर है। मजबूरी में ग्रामीण दूषित पानी का सेवन कर रहे हैं, जिससे जलजनित बीमारियों का खतरा लगातार बना हुआ है। क्षेत्र में स्वच्छ पेयजल, पक्की सड़कें, स्वास्थ्य सेवाएं और शिक्षा जैसी बुनियादी सुविधाओं का गंभीर अभाव है। विकास की रफ्तार इतनी धीमी है कि यह इलाका आज भी लगभग दो दशक पीछे नजर आता है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासनिक उदासीनता के कारण अधिकांश सरकारी योजनाएं केवल काग़ज़ों तक सीमित रह गई हैं। नतीजतन आदिम जनजाति समुदाय अभावों और बेबसी के बीच जीवन यापन करने को मजबूर है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि क्षेत्र में अविलंब बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं, ताकि आदिम जनजाति समुदाय भी विकास की मुख्यधारा से जुड़ सके।

Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button