गोड्डा

महागामा से ठंड से बचाव को लेकर स्वास्थ्य विभाग की अहम अपील

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो 
महागामा। महागामा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सह रेफरल अस्पताल के प्रभारी डॉ. खालिद अंजुम ने बढ़ती ठंड और शीतलहर को देखते हुए आमजन, विशेषकर बच्चों और बुजुर्गों, के लिए आवश्यक सावधानियों की विस्तृत जानकारी दी है। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी लापरवाही गंभीर बीमारी का कारण बन सकती है, इसलिए ठंड से बचाव के उपायों को रोजमर्रा की आदत में शामिल करना बेहद जरूरी है।डॉ. खालिद अंजुम ने बताया कि ठंड से बचाव के लिए बच्चों और बुजुर्गों को कम से कम तीन लेयर (परत) वाले गर्म कपड़े पहनने चाहिए। सिर, कान, गला, हाथ और पैर को ढककर रखना अनिवार्य है, क्योंकि शरीर की अधिक गर्मी इन्हीं हिस्सों से निकलती है। रात के समय गर्म कंबल का उपयोग करें और ठंडी हवा से बचें।उन्होंने खान-पान पर विशेष जोर देते हुए कहा कि भरपूर और पौष्टिक भोजन करें। भोजन में गरम तासीर वाले पदार्थ जैसे—दाल, सूप, हरी सब्जियां, गुड़, अदरक, लहसुन, हल्दी और पर्याप्त मात्रा में तरल पदार्थ (गरम पानी, चाय, सूप) शामिल करें। इससे शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहती है।डॉ. अंजुम ने अलाव को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि जहां अलाव जलाया जाता है, वहां सुरक्षित दूरी बनाए रखें और अपने घरों के पास अलाव की उचित व्यवस्था करें, ताकि ठंड से राहत मिल सके। हालांकि, बंद कमरे में अंगीठी या कोयले का इस्तेमाल न करें, इससे दम घुटने का खतरा रहता है। इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि सुबह और देर रात अनावश्यक बाहर निकलने से बचें।बच्चों को ठंडे फर्श पर बैठने न दें। खांसी, सर्दी, बुखार या सांस लेने में तकलीफ होने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें।बुजुर्ग और बीमार व्यक्ति नियमित दवाइयों का सेवन करते रहें और स्वास्थ्य जांच कराते रहें। अंत में डॉ. खालिद अंजुम ने आम नागरिकों से अपील की कि शीतलहर के इस दौर में सावधानी ही सबसे बड़ा बचाव है। थोड़ी सी सतर्कता अपनाकर गंभीर बीमारियों से खुद को और अपने परिवार को सुरक्षित रखा जा सकता है।
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