पाकुड़

सड़क दुर्घटना में युवक की मौत के बाद आक्रोश, घंटों जाम रही सड़क, बाजार बंदी से व्यापारियों समेत राजस्व का नुकसान

Anger erupts after a young man dies in a road accident, road remains blocked for hours, market closures result in loss of revenue for traders and others.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।

पाकुड़ शहर के गांधी चौक स्थित बड़ी जामेआ मस्जिद के समीप मंगलवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित स्थानीय लोगों ने मुआवजे की मांग और लगातार हो रही सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण को लेकर सड़क जाम कर दिया, जिससे घंटों तक आवागमन पूरी तरह बाधित रहा। मृतक की पहचान पाकुड़ के तलवाडांगा निवासी मृदुल कुमार चन्द्रा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि मृदुल साह पाकुड़ रेलगेट के समीप स्थित एक सोनार दुकान एवं जियो मार्ट में डिलीवरी का कार्य करता था। मंगलवार सुबह वह किसी निजी कार्य से जा रहे थे, इसी दौरान विपरीत दिशा से आ रही एक स्कूल बस ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही पाकुड़ नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन स्थानीय लोगों की भारी भीड़ और आक्रोश के कारण शव को कब्जे में लेने में पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी। आक्रोशित लोगों ने मृतक के परिजनों को मुआवजा देने, दुर्घटनास्थल पर यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने तथा सड़क सुरक्षा को लेकर विशेष निगरानी की मांग की। स्थिति इतनी तनावपूर्ण हो गई कि बाजार क्षेत्र में शाम करीब छः बजे तक बंद जैसी स्थिति बनी रही। सड़क जाम के कारण राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। काफी प्रयासों और समझाइश के बाद प्रशासन ने स्थिति को नियंत्रण में लिया, जिसके बाद जाम हटाया गया और आवागमन बहाल हो सका। वही अंचलाधिकारी कुमार अरविंद बेदिया एवं पुलिस पदाधिकारी ने संयुक्त रूप से दोनों मृतक के परिजनों और स्कूल प्रबंधन/ वाहन स्वामी के साथ काफी प्रयास के पश्चात वार्तालाप के माध्यम से मामले/ स्थिति को शान्त कराया। वही समाचार लिखे जाने तक पुलिस शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम हेतु पाकुड़ सदर अस्पताल सोना जोड़ी ले जाने के तैयारी में जुटे हुए थे। वही रो-रोकर परिजनों का बुरा हाल था।
गौरतलब हो कि सड़क दुर्घटना को लेकर व्यापक जनाक्रोश के बीच बाजार में सन्नाटा पसरा रहा। सन्नाटे का असर दैनिक जीवन पर भी देखने को मिला। आवश्यक सामानों की खरीदारी लगभग न के बराबर रही, जिससे छोटे से लेकर बड़े व्यापारियों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। वहीं आम जनता भी परेशान रही। इसके साथ ही अपने गंतव्य स्थान तक पहुंचने में यात्रियों / वाहन चालकों को भी भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।

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