सिंगरौली
वाहन अधिकारी की मेहरबानी से दो फर्मों को फायदा
टेंडर अवधि समाप्त होने के बाद भी जारी भुगतान

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली। नगर निगम/विभागीय वाहन शाखा में नियमों को ताक पर रखकर भुगतान किए जाने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। आरोप है कि वाहन अधिकारी की मेहरबानी से सूरज मोटर और शक्ति मोटर नामक दो फर्मों को लंबे समय से अनुचित लाभ पहुंचाया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, खड़ी और अनुपयोगी वाहनों के भी बिल तैयार कर भुगतान किया गया, जबकि संबंधित वाहन उपयोग में नहीं थे। इतना ही नहीं, तीन वर्ष पुराने रेट पर भुगतान अब तक जारी है, जबकि वाहन संचालन से जुड़ा टेंडर केवल एक वर्ष की अवधि के लिए स्वीकृत था।
नियमों के मुताबिक टेंडर की अवधि समाप्त होने के बाद न तो पुराने रेट पर भुगतान किया जा सकता है और न ही बिना नए टेंडर या अनुबंध के बिल स्वीकृत किए जा सकते हैं। इसके बावजूद लगातार भुगतान होने से विभागीय लापरवाही या मिलीभगत की आशंका गहराती जा रही है।
मामले में यह भी सवाल उठ रहे हैं कि
टेंडर समाप्ति के बाद भुगतान की अनुमति किसके आदेश पर दी गई?
खड़ी गाड़ियों के बिल किस आधार पर तैयार किए गए?
और इन भुगतानों की जिम्मेदारी किन अधिकारियों पर तय होगी?
इस पूरे मामले पर संबंधित वाहन अधिकारी की कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया समाचार लिखे जाने तक प्राप्त नहीं हो सकी थी। वहीं, जनहित से जुड़े इस मामले को लेकर उच्चस्तरीय जांच और वित्तीय ऑडिट की मांग तेज होती जा रही है।
यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो यह मामला केवल अनियमितता तक सीमित न रहकर सरकारी धन के दुरुपयोग की श्रेणी में आ सकता है।



