ललितपुर

कर्मचारियों की ज्वलंत समस्याओं को लेकर भारतीय मजदूर संघ ने सौंपा 18 सूत्रीय ज्ञापन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। कर्मचारियों और श्रमिकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर भारतीय मजदूर संघ जिला कार्यसमिति ने बुधवार को जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को संबोधित 18 सूत्रीय ज्ञापन सौंपा। संगठन ने चेतावनी दी कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन तेज किया जाएगा। ज्ञापन में कहा गया कि वर्तमान समय में मजदूर और कर्मचारी वर्ग महंगाई, बेरोजगारी और सरकारी उपेक्षा से बेहद परेशान है। आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं को सरकार द्वारा घोषित मानदेय का पूरा लाभ नहीं मिल पा रहा है। वहीं आशा एवं आशा संगिनी कार्यकर्ताओं के साथ भी अन्याय हो रहा है और उन्हें प्रोत्साहन राशि के स्थान पर नियमित मानदेय दिए जाने की मांग उठाई गई है। संगठन ने संविदा एवं आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की स्थिति को गंभीर बताते हुए कहा कि उन्हें समय पर वेतन नहीं मिलता और नौकरी से निकाले जाने का भय बना रहता है। इनके लिए अब तक कोई ठोस नियमावली भी नहीं बनाई गई है। एनएचएम में कार्यरत संविदा कर्मियों को बीमा, स्थानांतरण और वेतन विसंगतियों से जुड़ी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, जबकि इसके लिए केन्द्र से बजट भी उपलब्ध कराया जा चुका है। भारतीय मजदूर संघ ने आरोप लगाया कि सफाई कर्मचारियों से बिना पर्याप्त सुरक्षा उपकरणों के कार्य कराया जा रहा है और उन्हें उचित वेतन भी नहीं दिया जा रहा। इसके अलावा 108 और 102 एंबुलेंस सेवा से बर्खास्त कर्मियों की अब तक बहाली नहीं होने से वे आर्थिक संकट में जीवन यापन कर रहे हैं। ज्ञापन में असंगठित क्षेत्र के मजदूरों में ई-रिक्शा चालक, ऑटो चालक, धोबी, दर्जी, बढ़ई, लुहार, मोची, कुम्हार तथा ग्रामीण व दिहाड़ी मजदूरों को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने और उनके पारिश्रमिक तय करने की मांग की गई। पटरी-रेहड़ी दुकानदारों को स्थायी स्थान उपलब्ध कराने और पुलिस उत्पीडऩ बंद करने की भी मांग उठाई गई। संगठन ने बैंकिंग क्षेत्र में पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने, सहकारी बैंकों के वेतनमान पुनरीक्षण की विसंगतियां दूर करने, निकायों में वर्षों से वाहन चला रहे चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को ड्राइवर पदों पर समायोजित करने तथा पं. दीनदयाल उपाध्याय कैशलेस योजना लागू करने की मांग भी प्रमुख रूप से रखी। इसके अतिरिक्त मिड-डे मील कर्मचारियों का मानदेय 10 हजार रुपये प्रतिमाह करने, संविदा/निविदा सफाई कर्मचारियों को 18 हजार रुपये वेतनदेने, पुरानी पेंशन बहाल करने और पत्रकारों/ श्रमजीवी पत्रकारों को सुरक्षा बीमा व सामाजिक सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल रही। भारतीय मजदूर संघ ने मुख्यमंत्री से इन ज्वलंत समस्याओं पर गंभीरता से विचार कर शीघ्र समाधान कराने की अपेक्षा जताई। इस दौरान जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार टोंटे, जिला मंत्री आनंद दीक्षित सहित संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
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