समायोजन की प्रक्रिया और सरप्लस शिक्षकों की सूची पर उत्तर प्रदेशीय जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ ने उठाए सवाल
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
अमेठी। उत्तर प्रदेशीय जूनियर शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष अब्दुल रसीद ने बेसिक शिक्षा अधिकारी की ओर से की जा रही समायोजन प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि समायोजन के लिए सरप्लस शिक्षकों की जो सूची जारी की गई है उसमें बड़े पैमाने पर खामियां हैं।आर टी ई और पी टी आर का कोई ध्यान नहीं दिया गया है। समायोजन में गड़बड़ी होने की स्थिति में हाईकोर्ट की शरण में जाने का अल्टिमेटम भी दिया है।
उन्होंने कहा है कि बीएसए कार्यालय द्वारा निर्गत वरिष्ठता सूची खामियों का पुलिंदा है ।वरिष्ठता का निर्धारण कैसे किया गया किसी को पता नही । सितम्बर 2015 मे नियुक्त गणित/विज्ञान शिक्षकों को 2016 में यूपीएस सहायक अध्यापक पीएस हेडमास्टर पदों पर पदोन्नत शिक्षकों से नीचे रखा गया है ।सरप्लस/डेफिसिट सूची मे न तो आरटीआई और न ही पीटीआर का ध्यान रखा गया है । कुछ दिन पूर्व जिन स्कूलों से शिक्षकों को सरप्लस मान कर दूसरे स्कूलों मे भेजा गया था इस सूची मे उन स्कूलों को शिक्षकों की कमी तथा जिन स्कूलों मे भेजा गया था उन्हें सरप्लस की श्रेणी मे रखा गया है । पता नही कनिष्ठ को हटायेंगे या वरिष्ठ को ? परन्तु माननीय उच्च न्यायालय ने अपने फैसले मे वरिष्ठ अथवा कनिष्ठ को हटाने से मना कर चुका है ।यदि समायोजन मे कोई भी विषमता हुई तो माननीय न्यायालय का दरवाजा पुनः खटखटाया जायेगा ।आप लोग निश्चिंत रहें ।

