बहराइच

भूमिहीन‌ किसानों के फर्जी सत्यापन से हो रही क्रय केंद्रों पर धान खरीद

वास्तविक किसान पन्द्रह-सोलह सौ रुपए में अपना धान बेचने को मजबूर

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बहराइच। किसानों से धान खरीद में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार जहां किसान पंजीकरण से लेकर भुगतान तक आनलाइन कर चुकी है। उसके सत्यापन का जिम्मा लेखपाल व एसडीएम पर है। वहीं दूसरी तरफ जिम्मेदार व गल्ला माफियाओं का गठजोड़ फर्जी सत्यापन कर किसानों को ठग रहा है। एक किसान ने जनसुनवाई पोर्टल पर फर्जी सत्यापन से धान खरीद होने की शिकायत भी की है। महसी तहसील निवासी तीन किसानों के आनलाइन पंजीकरण का ब्यौरे में हैरान करने वाला फर्जीवाड़ा सामने आया।
धान क्रय केंद्रों पर धान की खरीद किसानों से की जा रही है या गल्ला माफियाओं से, यह धान विक्री के लिए कराए गए आनलाइन किसान पंजीकरण की डिटेल देखने से ही स्पष्ट हो जाता है। जिसमें कहीं खतौनी का रकबा बढ़ाने के लिए महिला किसान के पिता/पति का नाम दूसरे समुदाय का जोड़ दिया जाता है। तो कहीं पंजीकृत किसान की आई डी में कई अन्य किसानों के गाटे जोड़ कर रकबा बढ़ाया गया है। महसी तहसील निवासी कल्पना मिश्रा की किसान पंजीकरण आईडी संख्या 1800282645 में इनके पिता पति के नाम में इकराम अहमद का नाम दर्ज है व पता ग्राम बभनौटी उर्फ शहर गोला गंज महसी अंकित है। इनके पंजीकरण में भट्ट पुरवा फखरपुर के इकराम अहमद व इजहार अहमद की कुल 17 गाटों की 3.6639 हे. जमीन पर 52 कुंतल धान बेचा गया है। जबकि इनका आधार कार्ड कल्पना मिश्रा पुत्री सुनील कुमार मिश्रा निवासी घुरेहरी पुर के नाम से है। महसी के आभास कुमार के किसान पंजीकरण आईडी संख्या 1800282478 में पता बभनौटी शंकर पुर तहसील महसी दर्ज है। इनके पंजीकरण में तहसील सदर के शेखदहीर निवासी कई अन्य किसानों की 18 गांठों की 3.6647 हे. जमीन पर 172 कुंतल धान बिक्री हुआ है। जबकि इनके आधार कार्ड में निवासी ग्राम समदा तहसील महसी दर्ज है। इसके बावजूद शेखदहीर के क्षेत्रीय लेखपाल और सदर एसडीएम ने इनके पंजीकरण का सत्यापन भी कर दिया। सदर तहसील के शेखदहीर लेखपाल आशुतोष प्रताप सिंह से इसके बारे में बात की गई तो उन्होंने बताया कि जो भी पेपर सत्यापन के लिए हमारे पास आता है उसमें से काफी गाटे नहीं खुलते कुछ खुलते हैं जिन्हें हम चेक करते हैं और कुछ पहले से ही अप्रूव होते हैं जिसमें हम कुछ नहीं कर पाते हैं। इन दोनों पंजीकरण पर फखरपुर अंतर्गत स्थित वी पैक्स बेलहारी धान क्रय केंद्र पर धान बिक्री किया गया है। ऐसे ही तमाम किसान जो महसी तहसील के हैं लेकिन उनके नाम से अन्य जगह की फर्जी खतौनी लगाकर पंजीकरण करा सत्यापन के आधार पर लाखों के धान की बिक्री की गई है जो जांच का विषय है। इस तरह धान क्रय केंद्रों के जिम्मेदारों व गल्ला माफियाओं का गैंग वास्तविक किसानों को चूना लगा रहे है। अगर निष्पक्ष जांच की जाये तो 90 प्रतिशत खरीद फर्जी मिलेगी।
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