
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो
मथुरा : वृंदावन स्थित बांकेबिहारी मंदिर में आने वाले वीआईपी श्रद्धालुओं को अब न तो पहनने को प्रसादी माला दी जाएगी और न पटुका ओढ़ाया जाएगा। प्रसाद की डलिया और ठाकुरजी की बांसुरी भी भेंट स्वरूप नहीं मिलेगी। मंदिर कॉरिडोर और न्यास का विरोध कर रहे गोस्वामियों ने यह निर्णय लिया है कि मंदिर में अब किसी को वीआईपी ट्रीटमेंट नहीं देंगे। बांकेबिहारी मंदिर कॉरिडोर और न्यास का गोस्वामियों द्वारा विरोध किया जा रहा है। मंदिर में दर्शन करने वीआईपी आते रहते हैं। सेवायत गोस्वामियों द्वारा मंदिर आने पर वीआईपी की आवभगत की जाती है। मंदिर के गेट से अंदर तक ले जाने और फिर वीआईपी कठघरा में पूजा कराने के बाद ठाकुरजी की माला, पटुका, बांसुरी, प्रसाद की डलिया आदि दी जाती हैं। शीतकालीन दर्शन के दौरान ठाकुरजी के गर्भ गृह में जाने पर जगमोहन में वीआईपी को बुलाकर इसी तरह आदर किया जाता है, लेकिन अब गोस्वामियों ने इस पर रोक लगाने का फैसला लिया है। हिमांशु गोस्वामी ने बताया कि ठाकुर बांकेबिहारी ने उन्हें यह प्रेरणा दी है कि जो सरकार, अफसर, नेता, उद्योगपति व अन्य वीआईपी उनके (ठाकुरजी के) खिलाफ काम कर रहे हैं, गोस्वामी समाज के हितों को अनदेखा कर रहे हैं, उनकी (ठाकुरजी) सेवा में व्यवधान डाल रहे हैं, ऐसे लोगों का स्वागत सम्मान नहीं किया जाए। गोस्वामी समाज ऐसे लोगों का आदर नहीं करेगा, अनादर भी नहीं करेगा। बताया कि दो दिन पहले राजस्थान के गृह मंत्री आये थे। कल डीएम, एसएसपी आये। किसी का स्वागत सम्मान नहीं किया गया।



