यूजीसी के विरोध में श्री राजपूत करणी सेना जालौन का जोरदार प्रदर्शन जिलाधिकारी को सौंपा ज्ञापन

उरई। यूजीसी द्वारा प्रस्तावित एवं लागू किए गए नियमों के विरोध में श्री राजपूत करणी सेना भारत ने कड़ा आक्रोश जताते हुए जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। इस दौरान करणी सेना के पदाधिकारियों व समर्थकों ने जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय को एक ज्ञापन सौंपकर यू.जी.सी को तत्काल प्रभाव से निरस्त करने की मांग की। ज्ञापन में करणी सेना ने स्पष्ट किया कि यूजीसी द्वारा समता के संवर्धन के नाम पर लाए गए ये विनियम वास्तव में समाज में समरसता स्थापित करने के बजाय विभाजन को बढ़ावा देने वाले हैं। संगठन का आरोप है कि समता की आड़ में असंवैधानिक भेदभाव को बढ़ावा दिया जा रहा है जिससे सामान्य शैक्षणिक और प्रशासनिक निर्णयों का उपयोग विशेष रूप से स्वर्ण समाज के विरुद्ध हथियार के रूप में किया जा सकता है। यह सीधे-सीधे भारतीय संविधान के अनुच्छेद 14 का उल्लंघन है। करणी सेना ने यह भी कहा कि इन विनियमों से शिक्षा संस्थानों में भय और अराजकता का वातावरण उत्पन्न होगा। ज्ञान के केंद्र माने जाने वाले शैक्षणिक संस्थान आरोप-प्रत्यारोप और वैचारिक संघर्ष का अखाड़ा बनकर रह जाएंगे जिससे शिक्षा की गुणवत्ता और निष्पक्षता पर गंभीर असर पड़ेगा। संगठन ने यूजीसी पर स्वर्ण समाज को “डिफॉल्ट अपराधी” मानने की मानसिकता अपनाने का आरोप लगाया। श्री राजपूत करणी सेना भारत ने चेतावनी दी कि यूजीसी को तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए तथा इन्हें तैयार करने वाले अधिकारियों की भूमिका की निष्पक्ष जांच कराई जाए। साथ ही जब तक सर्व समाज की सहमति से संतुलित और न्यायसंगत नियम नहीं बनाए जाते तब तक किसी भी उच्च शिक्षा संस्थान में इनके क्रियान्वयन पर रोक लगाई जाए। करणी सेना ने स्पष्ट किया कि यदि समय रहते शासन-प्रशासन द्वारा उचित कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन राष्ट्रीय स्तर पर लोकतांत्रिक आंदोलन शुरू करेगा जिसकी समस्त जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। इस अवसर पर आकाश जादौन जिला अध्यक्ष श्री राजपूत करणी सेना जालौन,विक्रांत राजावत प्रदेश उपाध्यक्ष, शिवशरण सिंह प्रदेश अध्यक्ष सहित लक्की जादौन, अनुराग जादौन, अर्जुन जादौन, यतेंद्र गौर और दीपक गौर आदि उपस्थित रहे।




