लखनऊ

लखनऊ: निलंबित IAS अभिषेक प्रकाश के सहयोगी निकांत जैन पर ED की कार्रवाई,

लखनऊ-मेरठ-नोएडा में छापेमारी

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो

लखनऊ : प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश के तीन शहरों—लखनऊ, मेरठ और नोएडा—में निलंबित IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश के करीबी निकांत जैन से जुड़े ठिकानों पर व्यापक छापेमारी की। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच के तहत की गई, जिसमें जैन पर सोलर प्रोजेक्ट की मंजूरी के लिए निवेशकों से 5% कमीशन मांगने का आरोप है। ED की टीमें सुबह से ही लखनऊ के गोमती नगर में विशाल खंड और विराम खंड स्थित निकांत जैन के आवास पर तलाशी ले रही हैं। इसके साथ ही, जैन और उनके परिवार से जुड़ी कंपनियों के कार्यालयों और एक होटल पर भी जांच चल रही है। मेरठ और नोएडा में जैन के अन्य ठिकानों पर भी एक साथ कार्रवाई की गई। यह ऑपरेशन मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (PMLA) के तहत चलाया जा रहा है।

आरोपों का आधार
निकांत जैन, जो वर्तमान में लखनऊ जेल में बंद हैं, पर आरोप है कि उन्होंने IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश की ओर से सोलर प्रोजेक्ट की मंजूरी के लिए निवेशकों से रिश्वत मांगी। लखनऊ के हजरतगंज थाने में इंडियन बैंक की शिकायत पर जैन, उनके भाई सुकांत जैन और बहन वैशाली जैन के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज है। FIR में 4 करोड़ रुपये के लोन में फर्जी दस्तावेजों के जरिए धोखाधड़ी और भादंसं की धारा 409, 420, और 465 के तहत अपराध दर्ज किए गए हैं। SAEL Solar P6 Private Limited ने दावा किया कि जैन ने उनके सोलर प्रोजेक्ट को मंजूरी देने के लिए 5% कमीशन की मांग की थी। मना करने पर प्रोजेक्ट को अनावश्यक रूप से दोबारा मूल्यांकन के लिए भेजा गया। मेरठ निवासी निकांत जैन ने सीमित शिक्षा (कक्षा 10) के बावजूद राजनीतिक और नौकरशाही नेटवर्क के जरिए प्रभावशाली कारोबार खड़ा किया। उनके पिता स्वर्गीय सुधीर कुमार जैन एक प्रतिष्ठित ठेकेदार थे। जैन के परिवार की आठ कंपनियों में हिस्सेदारी है, और उनके खिलाफ मेरठ, लखनऊ और एटा में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। अभिषेक प्रकाश का विवाद 2006 बैच के IAS अधिकारी अभिषेक प्रकाश, जो इन्वेस्ट यूपी के CEO और औद्योगिक विकास विभाग के सचिव थे, पर सोलर प्रोजेक्ट और रक्षा गलियारा भूमि अधिग्रहण में अनियमितताओं के आरोप हैं। मार्च 2025 में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उन्हें निलंबित किया था। ED उनकी जैन के साथ संभावित सांठगांठ की जांच कर रही है।

जांच और सरकारी रुख
ED ने गोमती नगर थाने की FIR और संबंधित दस्तावेजों को अपने कब्जे में लिया है। निकांत जैन से जल्द ही जेल में पूछताछ होगी, और उनकी संपत्तियों की जांच तेज हो गई है। उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने बयान में कहा । राज्य में भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति अपनाई गई है। निवेशकों के हितों की रक्षा और पारदर्शी प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी। निकांत जैन लखनऊ जेल में हैं, और उनकी संपत्तियों की जांच जारी है। अभिषेक प्रकाश के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई चल रही है। उत्तर प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान के तहत अब तक 11 IAS अधिकारियों को निलंबित किया गया है। यह कार्रवाई भ्रष्टाचार के खिलाफ उत्तर प्रदेश सरकार की सख्त नीति का हिस्सा है। जांच के परिणामों से इस मामले में और खुलासे होने की उम्मीद है।

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