बागपत
सुभाष आहूजा की नई वेब सीरीज “भाषी ओए एंड नौरंग” की भव्य शुरुआत
ग्रामीण धरती से उठी एक नई डिजिटल कहानी

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बागपत। क्षेत्र एक बार फिर रचनात्मकता के रंग में रंगता नजर आ रहा है, जहाँ स्थानीय प्रतिभाओं ने मिलकर डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाया है। नई वेब सीरीज “भाषी ओए” की शूटिंग आज से विधिवत रूप से शुरू हो गई है, जिसे लेकर पूरे क्षेत्र में उत्साह का माहौल है।
इस वेब सीरीज के निर्माता और लेखक सुभाष आहूजा उर्फ भाषी ओए तथा तारिक़ जमाल हैं, जो लंबे समय से मनोरंजन जगत में सक्रिय रहते हुए नई कहानियों को मंच देने का काम कर रहे हैं। उनकी यह नई पेशकश कुल 6 एपिसोड में तैयार की जा रही है, जिसमें हर एपिसोड दर्शकों को एक नया मोड़ और नई सोच देने का प्रयास करेगा।
लोकेशन की खासियत – मछंदर प्रधान, शिकोहपुर
इस वेब सीरीज की शूटिंग मछंदर प्रधान, शिकोहपुर की लोकेशन पर की जा रही है। यह स्थान अपनी सादगी, ग्रामीण वातावरण और प्राकृतिक सुंदरता के लिए जाना जाता है।
निर्माताओं का मानना है कि रियल लोकेशन पर शूटिंग करने से कहानी में असलियत और गहराई आती है, जो दर्शकों को सीधे कहानी से जोड़ती है। खेत-खलिहान, कच्चे रास्ते, देहाती परिवेश और स्थानीय बोली—ये सभी तत्व इस सीरीज को खास बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
कलाकारों की मजबूत टीम – स्थानीय प्रतिभा को मंच
“भाषी ओए” वेब सीरीज में खास बात यह है कि इसमें स्थानीय कलाकारों को प्रमुखता दी गई है, जिससे क्षेत्र की प्रतिभा को पहचान मिल सके।
मेन लीड: सुभाष आहूजा (भाषी ओए) और नौरंग
फीमेल लीड: रिम्शा अल्वी
विशेष भूमिका: सुरेंद्र मलानिया
अन्य कलाकार: मेनपाल सैनी, राज शर्मा, गोविंद सैनी आदि
कलाकारों की यह टीम न सिर्फ अभिनय में माहिर है, बल्कि अपने-अपने किरदारों को जीवंत बनाने के लिए पूरी मेहनत कर रही है। शूटिंग के दौरान कलाकारों के बीच तालमेल और ऊर्जा देखने लायक है।
तकनीकी टीम – पर्दे के पीछे के असली हीरो
किसी भी फिल्म या वेब सीरीज की सफलता में तकनीकी टीम की भूमिका बेहद अहम होती है, और “भाषी ओए” में यह टीम पूरी तरह सक्रिय नजर आ रही है।
कैमरा: गुलशन सैनी – जो हर सीन को सिनेमाई अंदाज़ में कैद कर रहे हैं
असिस्टेंट: मेनपाल सैनी, राज शर्मा – जो हर तकनीकी पहलू को संभाल रहे हैं
मेकअप आर्टिस्ट: प्रवीण बब्बर – जो कलाकारों को किरदार के अनुरूप लुक दे रहे हैं
यह पूरी टीम मिलकर इस प्रोजेक्ट को एक प्रोफेशनल वेब सीरीज का रूप देने में जुटी हुई है।
प्रोड्यूसर का अनुभव – 1980 से लेकर आज तक
इस वेब सीरीज के प्रोड्यूसर सुभाष आहूजा उर्फ भाषी ओए का अनुभव बेहद समृद्ध रहा है।
उन्होंने सन् 1980 में राजा मुराद को लेकर पंजाबी फिल्म “माता दा दरबार” का निर्माण किया था, जो उस समय काफी चर्चित रही।
इसके बाद उन्होंने कई विज्ञापन फिल्मों में काम किया और बॉलीवुड के अनेक कलाकारों के साथ सहयोग किया, जिससे उन्हें इंडस्ट्री की गहरी समझ हासिल हुई।
अब उसी अनुभव को वे “भाषी ओए” वेब सीरीज में उतार रहे हैं, जिससे यह प्रोजेक्ट और भी मजबूत बनता नजर आ रहा है।
कहानी और प्रस्तुति – मनोरंजन के साथ संदेश
“भाषी ओए” वेब सीरीज सिर्फ मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें समाज के विभिन्न पहलुओं को भी उजागर किया जाएगा।
इसमें दर्शकों को मिलेगा:
सस्पेंस और ड्रामा का जबरदस्त मेल
इमोशनल कनेक्शन और पारिवारिक पहलू
स्थानीय संस्कृति और बोली की झलक
समाज को आईना दिखाने वाले संदेश
हर एपिसोड में एक नया ट्विस्ट और नया अनुभव देखने को मिलेगा, जिससे दर्शक शुरुआत से अंत तक जुड़े रहेंगे।
वेब सीरीज में अहम भूमिका निभा रहे सुरेंद्र मलानिया ने कहा:
“आज के समय में डिजिटल प्लेटफॉर्म प्रतिभाओं को एक नया मंच दे रहे हैं। ‘भाषी ओए’ सिर्फ एक वेब सीरीज नहीं, बल्कि हमारे क्षेत्र की कला, संस्कृति और संघर्ष की कहानी है।
इस प्रोजेक्ट के माध्यम से हम यह दिखाना चाहते हैं कि छोटे शहरों और गांवों में भी बड़ी प्रतिभाएं मौजूद हैं।
मुझे पूरा विश्वास है कि दर्शक इस वेब सीरीज को न केवल पसंद करेंगे, बल्कि इससे जुड़ाव भी महसूस करेंगे। यह हमारे क्षेत्र के लिए गर्व का विषय बनेगी।”
क्षेत्रीय सिनेमा की ओर बढ़ता मजबूत कदम
“भाषी ओए” वेब सीरीज की शुरुआत यह साबित करती है कि अब छोटे शहर और गांव भी डिजिटल मनोरंजन की दुनिया में अपनी पहचान बनाने के लिए तैयार हैं।
मछंदर प्रधान, शिकोहपुर जैसी लोकेशन, अनुभवी प्रोड्यूसर, मेहनती टीम और स्थानीय कलाकारों के साथ यह प्रोजेक्ट आने वाले समय में एक मिसाल बन सकता है।
यदि इसी तरह प्रयास जारी रहे, तो वह दिन दूर नहीं जब बागपत क्षेत्र भी वेब सीरीज और फिल्म इंडस्ट्री में अपनी अलग पहचान बनाएगा।



