
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
पहाड़ी इलाकों में लगातार हो रही बरसात से अमरोहा में गंगा नदी उफान पर आ गई है। तिगरी गंगा घाट पूरी तरह डूब गया है। घाट पर रखी अस्थाई दुकानें और पुरोहितों की झोपड़ियां भी पानी में समा गई हैं।हरिद्वार और बिजनौर बैराज से लगातार पानी डिस्चार्ज किया जा रहा है। इससे अमरोहा में गंगा नदी का जलस्तर खतरे के निशान से लगभग एक मीटर नीचे है। प्रशासन ने गंगा किनारे बसे गांवों में अलर्ट जारी किया है और लोगों को सतर्क रहने को कहा है।गुरुवार को बिजनौर बैराज से 2 लाख 68 हजार 279 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। इससे शाम तक गंगा का जलस्तर और बढ़ने की संभावना है। आज गंगा के जलस्तर में 20 सेमी का इजाफा हुआ है। गंगा का गेज अब 200.90 मीटर दर्ज किया गया है। यहां खतरे का निशान 202.00 मीटर पर है।पहाड़ों से लेकर निचले इलाकों में लगातार बारिश के कारण मंडी धनौरा और हसनपुर तहसील क्षेत्र के दर्जनों गांवों में बाढ़ के हालात बन गए हैं। खेतों में गंगा का पानी भर गया है। गंगा लगातार कटान कर रही है।हसनपुर के गंगानगर और धनौरा के बिशावली, शाहजहांपुर, मुकरामपुर व शीशोंवाली गांव के करीब गंगा का पानी पहुंच गया है। इससे ग्रामीणों में दहशत फैली हुई है।किसानों की फसलें बर्बादी की कगार पर पहुंच गई हैं। अगर यही स्थिति बनी रही तो गंगा किनारे बसे गांवों के लोगों को पलायन करना पड़ सकता है। उत्तराखंड के धराली में बादल फटने के बाद हालात और भी बिगड़ सकते हैं। हालांकि वहां का पानी यहां तक पहुंचने में एक से दो दिन का समय लग सकता है।


