
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बसंतराय। बसंतराय प्रखंड की कैथिया पंचायत के कैथिया गांव में एक गरीब परिवार आज भी जर्जर मिट्टी के मकान में रहने को मजबूर है। छह सदस्यीय यह परिवार वर्षों पुराने कच्चे घर में किसी तरह जिंदगी बिता रहा है। बरसात शुरू होते ही इस परिवार की मुश्किलें कई गुना बढ़ जाती हैं। छत से टपकता पानी, गिरने का डर और आकाशीय बिजली की गड़गड़ाहट के बीच पूरी रात जागकर गुजारनी पड़ती है। परिवार की सदस्य रेखा देवी, पति सुनील दास ने बताया कि बारिश के समय घर के अंदर चारों ओर पानी भर जाता है। छत लगातार टपकती रहती है, जिससे बच्चों को सुरक्षित रखना सबसे बड़ी चुनौती बन जाती है। तेज बारिश और बिजली की कड़क से पूरा परिवार दहशत में रहता है।
रेखा देवी ने बताया, “बरसात के दिनों में हम लोग ठीक से सो भी नहीं पाते। छोटे-छोटे बच्चे डर जाते हैं। पूरी रात बैठकर गुजारनी पड़ती है। जब बिजली कड़कती है तो दिल दहल जाता है। ऊपर वाले के भरोसे ही जिंदगी कट रही है।” परिवार का कहना है कि सरकार गरीबों के लिए कई आवासीय योजनाएं चला रही है, लेकिन अब तक उन्हें किसी भी योजना का लाभ नहीं मिल सका है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना या अन्य सरकारी आवास योजना के तहत जल्द पक्का घर उपलब्ध कराने की मांग की है। इधर, ग्रामीणों का कहना है कि एक ओर सरकार हर जरूरतमंद तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने का दावा करती है, वही, दूसरी ओर आज भी कई गरीब परिवार जर्जर कच्चे मकानों में रहने को विवश हैं। उनका कहना है कि ऐसे वास्तविक जरूरतमंद परिवारों की पहचान कर प्राथमिकता के आधार पर आवास उपलब्ध कराया जाना चाहिए, ताकि बरसात का हर मौसम उनके लिए भय और बेबसी का पर्याय न बने।



