युवा पत्रकार नितेश कुमार माली के पिता अवध माली का असामयिक निधन
जरबा गांव ने खोया एक सच्चा समाजसेवी।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
हजारीबाग चुरचू प्रखंड चरही आजाद सिपाही के युवा पत्रकार नितेश कुमार माली के पिता समाज के प्रेरणास्रोत और कर्मठ समाजसेवी अवध माली का बुधवार प्रातः लगभग तीन बजे हृदयगति रुकने से असामयिक निधन हो गया। उनके निधन से जरबा गांव ही नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में शोक की गहरी लहर दौड़ गई है। अवध माली केवल एक व्यक्ति नहीं थे, वे समाज की चेतना सच्चाई की आवाज और हर सामाजिक-धार्मिक कार्य में अग्रिम पंक्ति में खड़े रहने वाले व्यक्तित्व थे। उन्होंने अपना संपूर्ण जीवन समाज सेवा, नैतिक मूल्यों और जनहित के कार्यों को समर्पित कर दिया। वे स्पष्ट वक्ता थे। सच बोलते थे, भले ही उनकी बात कभी-कभी कठोर प्रतीत होती थी, लेकिन उनका हृदय सदैव समाज के लिए धड़कता रहा। एक वर्ष के भीतर जरबा गांव ने दो अनमोल धरोहरें खो दी हैं पहले योगेन्द्र साव और अब अवध माली। यह केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की अपूर्णीय क्षति है, जिसकी भरपाई असंभव प्रतीत होती है। स्वर्गीय अवध माली अपने पीछे दो पुत्र और दो भाइयों को छोड़ गए हैं, जिनके कंधों पर अब पारिवारिक जिम्मेदारियों का भार आ गया है। वहीं, उनके अधूरे सामाजिक और धार्मिक दायित्वों को निभाने की जिम्मेदारी अब गांववासियों पर आ पड़ी है। उनके निधन की खबर फैलते ही शोकाकुल ग्रामीणों का उनके आवास पर तांता लग गया। नम आंखों से लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। अंतिम संस्कार के दौरान पूरे गांव का माहौल गमगीन रहा और हर आंख नम थी। अवध माली का जाना केवल एक जीवन का अंत नहीं, बल्कि समाज की एक मजबूत आवाज,एक मार्गदर्शक और एक प्रेरक दीपक के बुझ जाने जैसा है। उनकी स्मृतियां, उनका संघर्ष और उनका समाज के प्रति समर्पण हमेशा लोगों के हृदय में जीवित रहेगा।



