जुबिन गर्ग मौत केस: असम के गुवाहाटी में फास्ट-ट्रैक कोर्ट के माध्यम से सुनवाई शुरू।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
असम के लोकप्रिय गायक जुबिन गर्ग की मौत से जुड़े मामले की द्रुत न्यायिक प्रक्रिया के लिए सोमवार, 30 मार्च को गुवाहाटी में औपचारिक तौर पर विशेष फास्ट-ट्रैक कोर्ट की सुनवाई शुरू कर दी गई है। असम सरकार द्वारा निर्धारित इस विशेष अदालत के माध्यम से शिल्पकार की मृत्यु के पीछे की वास्तविक परिस्थितियों की व्यापक जांच की योजना है, जिस पर अब पूरे राज्य में निगाहें टिकी हुई हैं। इससे पहले सिंगापुर में हुई एक आधिकारिक जांच ने पूरी घटना को मात्र “दुर्भाग्यजनक दुर्घटना” बताया था, लेकिन इस निष्कर्ष से असमवासियों और जुबिन के असंख्य प्रशंसकों में भारी असंतोष व्याप्त हुआ था। कई लोगों ने इस अकाल मृत्यु के पीछे अन्य गुप्त पहलुओं की संभावना जताते हुए निष्पक्ष और विस्तृत जांच की मांग उठाई थी। जुबिन गर्ग के परिवार और अनुरागियों ने न्याय की मांग के तहत लगातार सरकार पर दबाव बनाया और इस मामले की तेज़ी से सुनवाई के लिए एक स्वतंत्र फास्ट-ट्रैक कोर्ट की स्थापना की आग्रह किया। आम जनता और परिवार की इस मांग पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए असम सरकार ने इस मामले को विशेष ध्यान देने के लिए एक विशेष अदालत के गठन का निर्णय लिया। वर्तमान में यह मामला कामरूप महानगर जिला व सत्र न्यायालय के तीन नंबर आदालत में सुना जा रहा है। जिला व सत्र न्यायाधीश के समकक्ष एक विशेष अतिरिक्त पद सृजित कर न्यायाधीश शर्मिल भुइयां को इस मामले की सुनवाई की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अदालत ने निर्धारित समय सीमा के भीतर इस विवाद का शीघ्र और न्यायोचित निपटारा करने पर विशेष जोर दिया है। प्रशासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि पूरी प्रक्रिया कड़े कानूनी नियमों के अनुसार चलाई जाएगी। साथ ही अदालत की सुनवाई के ताज़ा अपडेट और प्रगति की जानकारी नियमित रूप से नागरिकों के साथ साझा की जाएगी। जनता को आशा है कि, इस विशेष न्यायिक प्रक्रिया के ज़रिए लोकप्रिय गायक जुबिन गर्ग की मौत के पीछे की सच्चाई शीघ्र ही सामने आएगी और दुखी परिवार व अनुरागियों को न्याय की आशा मिलेगी।


