मुरादाबाद

माथे पर लिखाकर लाई हूं, नहीं पढ़ाऊंगी, ऐसा कहने वाली आईपीएस की मां से चार्ज हटा

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
मुरादाबाद। आईपीएस बेटे के दम पर 5 सीनियर टीचर्स को दरकिनार करके पांच साल से नियमविरुद्ध स्कूल के हेड की कुर्सी पर काबिज नीलमबाई मीणा से डिडौरा कंपोजिट स्कूल के इंचार्ज का चार्ज छिन गया है। बेटे के दम पर नीलमवाई मीणा स्कूल में तैनात 5 सीनियर्स को बाईपास करके पिछले पांच साल से भी अधिक समय से स्कूल के इंचार्ज की कुर्सी पर काबिज थीं।
बेटे के दम पर 5 सालों से अवैध रूप से इंचार्ज बनी थी
कई बार इस तरह की बातें सामने आईं कि आईपीएस की मां स्कूल में कभी भी एक भी पीरियड पढ़ाने नहींं जाती। बेटे के पद का दुरुपयोग करते हुए वो कहती थीं कि माथे पर लिखाकर लाई हूं बिना पढ़ाए दफ्तर में बैठे बैठे ही सरकार से पगार मिलेगी। मेरा बेटा आईपीएस है मैं भला क्यों पढ़ाऊंगी। आईपीएस बेटे जितना बड़ा केबिन रखने की शौकीन इंचार्ज ने स्कूल के बच्चों का क्लासरूम खाली कराकर अपना कार्यालय बना लिया था। इतना ही नहीं मैडम के आराम में खलल न पड़े इसके लिए बगल वाले रूम से भी बच्चे निकालकर मैदान में बैठा दिए क्योंकि बगल के रूम में क्लास लगती थी तो बचों का शोर मैडम को उनके आईपीएस बेटे से वीडियो कॉलिंग में डिस्टर्बेंस करता था।
बेटे ने  मां को नियमविरुद्ध तरीके से स्कूल का इंचार्ज बनवा रखा था
बेटे के रसूख के दम पर 5 साल से अवैध रूप से स्कूल के इंचार्ज की कुर्सी पर बैठी नीलम वाई मीणा से बुधवार को खंड शिक्षा अधिकारी वेगीश गोयल ने चार्ज छीन लिया है। खंड शिक्षा अधिकारी ने स्कूल की वरिष्ठतम सहायक अध्यापक विनीता त्यागी को स्कूल का चार्ज ग्रहण करने के आदेश दिए हैं। बता दें कि नीलम मीणा स्कूल मेंं तैनात पांच वरिष्ठ शिक्षकों को दरकिनार करके स्कूल में हेड के पद पर काबिज हैं। महाराष्ट्र कॉडर के आईपीएस ने अपने पद का दुरूपयोग करते हुए अपनी मां को नियमविरुद्ध तरीके से स्कूल का इंचार्ज बनवा रखा था। जबकि आईपीएस की मां स्कूल में तैनात बाकी पांच शिक्षकों से जूनियर हैं।
इतना ही नहीं इस आईपीएस ने अपने रसूख के दम पर विभागीय पोर्टल में भी छेड़छाड़ करा रखी थी। यही वजह है कि जब 30 जून 2025 को जब विभाग ने ऐसे स्कूलों में हेड पोस्ट किए जहां हेड के पद रिक्त हैं तो डिडौरा स्कूल में पोर्टल पर हेड का पद रिक्त शो नहीं हुआ। जिसकी वजह से यहां आने के लिए कोई अप्लाई नहीं कर सका। जबकि नीलम बाई मीणा हेड नहीं हैं वो सिर्फ सहायक अध्यापक हैं। नियमानुसार यहां पहले से ही हेड की नियुक्ति हो जानी चाहिए थी लेकिन आईपीएस ने अपने प्रभाव का इस्तेमाल करके ऐसा नहीं होने दिया। अब इस मामले में आईपीएस के खिलाफ महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री और राज्यपाल के साथ ही डीजीपी को भी शिकायतें दी गई हैं।
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