फ्यूज़न फाइनेंस ने ग्रामीण महिला उद्यमिता को दी नई उड़ान
फिटकरी गांव की सरोज देवी बनीं स्वरोजगार की मिसाल, माइक्रोफाइनेंस से बदली जीवन की दिशा

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जनपद स्थित फिटकरी गांव की सरोज देवी आज अपने परिवार और गांव की महिलाओं के लिए प्रेरणा बन चुकी हैं। इस बदलाव की कहानी की शुरुआत हुई फ्यूज़न फाइनेंस लिमिटेड के साथ उनके जुड़ाव से। देश की अग्रणी गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी, फ्यूज़न फाइनेंस लिमिटेड (पूर्व में फ्यूज़न माइक्रो फाइनेंस लिमिटेड), द्वारा संचालित ग्रामीण ऋण कार्यक्रम के माध्यम से सरोज देवी ने अपने पारिवारिक व्यवसाय—क्रिकेट लेदर बॉल निर्माण—को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
बीते एक दशक में, सरोज देवी ने फ्यूज़न से समय-समय पर पांच बार ऋण लेकर अपने व्यवसाय को विस्तार दिया। उनके द्वारा लिया गया पहला ऋण मात्र ₹12,000 था, पर आज उनका व्यवसाय न सिर्फ उनकी आय को दस गुना तक बढ़ा चुका है, बल्कि गांव की अन्य महिलाओं को भी रोजगार दे रहा है।
सरोज देवी कहती हैं, “फ्यूज़न फाइनेंस के साथ जुड़ाव हमारे जीवन में बदलाव का बड़ा कारण बना। उनकी टीम से हमें जो सहयोग और मार्गदर्शन मिला, वह अतुलनीय है। समय पर ऋण मिलना हमारे व्यवसाय के विकास में सबसे बड़ी मदद रहा। आज मैं गर्व से कह सकती हूं कि मैंने अपने गांव की महिलाओं को भी काम देकर आत्मनिर्भर बनाया है।”
आज उनके बेटे भी व्यवसाय में सक्रिय रूप से जुड़े हैं, और परिवार सामूहिक रूप से लगातार प्रगति की ओर अग्रसर है। फ्यूज़न फाइनेंस द्वारा प्रदान की गई सुविधाओं और सहयोग के कारण सरोज देवी का उद्यम न केवल एक सशक्त महिला की कहानी बन चुका है, बल्कि वह ग्रामीण आर्थिक विकास और महिला सशक्तिकरण का भी प्रतीक है।
इस सफलता ने यह सिद्ध किया है कि माइक्रोफाइनेंस संस्थाएं किस प्रकार ग्रामीण भारत में आर्थिक समावेशन, स्वरोजगार, और महिला नेतृत्व को मजबूती प्रदान कर रही हैं। सरोज देवी की कहानी बताती है कि यदि सही समय पर सही सहयोग मिले, तो ग्रामीण भारत की महिलाएं भी उद्यमिता की उड़ान भर सकती हैं।



