असम के गुवाहाटी बन रहा है दक्षिण‑पूर्व एशिया के लिए भारत का नया द्वार: हिमंत बिस्वा सरमा ।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा है कि गुवाहाटी, जो लंबे समय से उत्तर‑पूर्व का प्रवेश द्वार माना जाता रहा है, अब धीरे‑धीरे भारत के लिए दक्षिण‑पूर्व एशिया का भी प्रमुख द्वार बनता जा रहा है। यह टिप्पणी उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर की, जहाँ उन्होंने शहर के आसपास चल रही और आने वाली कई बुनियादी ढांचे की परियोजनाओं का निरीक्षण करने की जानकारी दी।मुख्यमंत्री ने लिखा कि “Gateway to the North East is now emerging as India’s Gateway to South East Asia,” और बताया कि गुवाहाटी आने वाले दिनों में कई ऐतिहासिक उपलब्धियों का साक्षी बनने को तैयार है। अपने पोस्ट में उन्होंने परियोजनाओं के व्यक्तिगत विवरण का उल्लेख नहीं किया, लेकिन यह टिप्पणी ऐसे समय में आई है जब असम में विशेषकर गुवाहाटी में व्यापक इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर दिया जा रहा है। यह पहल केंद्र की एक्ट ईस्ट पॉलिसी के तहत क्षेत्रीय कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास को मजबूत करने के प्रयासों के अनुरूप है। सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में गुवाहाटी के शहरी परिदृश्य को बदलने और कनेक्टिविटी सुधारने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। इनमें सड़कों का विस्तार, नए फ्लाईओवर का निर्माण, नदी तट (रिवरफ्रंट) विकास, जन परिवहन सुविधाओं का उन्नयन और पड़ोसी राज्यों व अंतरराष्ट्रीय बाजारों से जुड़ाव को मजबूत करना शामिल है। इसके साथ ही विमानन, रेल और अंदरूनी जल परिवहन में भी महत्वपूर्ण निवेश हुए हैं, जिससे शहर की भूमिका और भी सुदृढ़ हुई है। अधिकारियों का मानना है कि बेहतर कनेक्टिविटी से व्यापार, पर्यटन और निवेश को बढ़ावा मिलेगा तथा दक्षिण‑पूर्व एशियाई देशों के साथ आर्थिक और सांस्कृतिक एकीकरण को गति मिलेगी। मुख्यमंत्री ने बार‑बार असम की भौगोलिक और रणनीतिक स्थिति पर जोर दिया है और राज्य को मुख्य व्यापार, लॉजिस्टिक्स, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवा केंद्र के रूप में उभरने का लक्ष्य बताया है।प्रशासन ने संकेत दिया है कि आने वाले हफ्तों में कई उच्च‑प्रोफ़ाइल परियोजनाएँ या तो सार्वजनिक रूप से उद्घाटित की जाएंगी या महत्त्वपूर्ण मील के पत्थर पार करेंगी, जिससे गुवाहाटी की उत्तर‑पूर्व तथा भारत‑दक्षिण‑पूर्व एशिया कनेक्टिविटी में और मजबूती आयेगी।



