गोड्डा
सहकारी समिति सशक्तिकरण पर एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यशाला का आयोजन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गोड्डा। सिद्धो कान्हो कृषि एवं वनोपज जिला सहकारी संघ के बहुउददेश्यीय सहकारी समितियों के सशक्तिकरण पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन तिलकामांझी कृषि महाविद्यालय में किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत उपायुक्त अंजली यादव, जिला सहकारी का पदाधिकारी विजय कुमार नाग, जिला पशुपालन पदाधिकारी मनोज कुमार सिंह, डीडीएम नवार्ड नूतन राज सहित अन्य गणमान्य के द्वारा दीप प्रज्वलित कर की गई। कार्यशाला में जिले के सभी एमपीसीएस, एफपीओ एवं विशेष प्रकार के समितियों के सदस्यों ने भाग लिया एवं सिद्धो कान्हो कृषि एवं वनोपज जिला सहकारी संघ द्वारा चलाए जा रहे कार्यक्रम से परिचित हुए। कार्यक्रम में कृषि एवं वन उपज आधारित फसलों के संग्रहण, विपणन एवं प्रसंस्करण के सम्बन्ध में सदस्यों को जानकारी दी गई। दौरान उपायुक्त के द्वारा बताया गया कि किसानों का निबंधन अधिक से अधिक संख्या में किए जाएं। जिले में आपकी योजना आपकी सरकार आपके द्वार” का कार्यक्रम 21 नवंबर से लेकर 15 दिसंबर तक सभी पंचायतों में लगाया जा रहा है। आप अपने नजदीकी पंचायत में जाएं और विभिन्न योजनाओं की जानकारी लेकर उनका लाभ प्राप्त करें। उन्होंने हेल्थ कार्ड के संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि राज्य सरकार के द्वारा जारी हेल्थ कार्ड आयुष्मान कार्ड से बेहतर है। इसमें फाइनेंशियल लिमिट ज्यादा है आप इस योजनाओं का लाभ भी ले सकते हैं। दौरान स्ट्रॉबेरी एवं मखाने की खेती के संबंध में किसानों को प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के दौरान जिला सहकारिता पदाधिकारी के द्वारा बताया गया कि सिद्धो-कान्हो कृषि एवं वनोपज जिला सहकारी संघ लिमिटेड (सिद्धकोफेड) एक राज्य स्तरीय शीर्ष सहकारी संस्थान है, जो कृषि पशुपालन एवं सहकारिता विभाग (सहकारिता प्रभाग) झारखण्ड सरकार से निबंधित है। उन्होंने कहा इसका दायित्व कृषि एवं वनोपज की खरीद, भंडारण, प्रसंस्कारण और विपणन, बीज, उर्वरक, कीटनाशक आदि का इनपुट व्यवसाय, कृषि अवसंरचना के लिए वेयर हाउस, गोदाम, कोल्ड स्टोरेज, प्रसंस्करण ईकाइयों, राईस मिल इत्यादि है। जिला पशुपालन पदाधिकारी के द्वारा बताया गया किसान मल्टी परपज कॉ-ओपरेटिव सोसाइटी सिद्धकोफेड की सदस्यता प्राप्त कर संचालित योजनाओं से लाभान्वित हो सकते है। उन्होंने कहा कि जिले के कृषक पाठशाला में मल्टी परपज कॉ-ओपरेटिव सोसाइटी से जुड़े कृषकों को बकरी, बतख, गौ, सुकर, मुर्गी, मधुमक्खी, मत्स्यपालन एवं ऑर्गेनिक खेती, लाह की खेती, मशरूम की खेती इत्यादि विषयों पर जिला संघ द्वारा प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मौके पर कृषि महाविद्यालय के प्राचार्य एवं शिक्षकगण, कृषि विज्ञान केंद्र के लोग, कर्मी एवं जिले के कृषक मौजूद थे।



