सिंगरौली
SA यादव आउटसोर्सिंग कंपनी के मजदूरों ने एनसीएल खड़िया जीएम कार्यालय पर किया प्रदर्शन
कार्य बहिष्कार कर खदान से बैरियर तक पैदल मार्च, जीएम ऑफिस गेट पर नारेबाज़ी

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली। शक्तिनगर थाना क्षेत्र के अंतर्गत एनसीएल खड़िया खदान परिसर में सोमवार दोपहर उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया जब SA यादव आउटसोर्सिंग कंपनी के श्रमिक दीपावली पर्व पर हाजिरी, सर्रा छुट्टी, बोनस और समय पर वेतन भुगतान की मांग उठा रहे थे। जानकारी के अनुसार, एनसीएल खड़िया खदान क्षेत्र स्थित SA यादव साइट पर श्रमिकों और कंपनी के अधिकारी आनंद पटेल के बीच बातचीत के दौरान अधिकारी द्वारा यह कहे जाने पर कि “गाड़ी चलाओ नहीं तो घर जाओ”, मजदूर भड़क उठे। इस टिप्पणी से नाराज़ श्रमिकों ने एकजुट होकर कार्य बहिष्कार की घोषणा की और नारेबाज़ी करते हुए खदान क्षेत्र से बैरियर तक पैदल मार्च किया।
इसके बाद सैकड़ों की संख्या में मजदूर एनसीएल खड़िया के महाप्रबंधक (GM) कार्यालय गेट पर पहुँच गए और “हमारा हक़ दो – इंसाफ दो” के नारे लगाते हुए प्रदर्शन करने लगे। मजदूरों का कहना था कि हर वर्ष दीपावली के अवसर पर उन्हें बोनस, सर्रा छुट्टी और समय पर वेतन देने का वादा किया जाता है, परंतु इस बार कोई स्पष्ट आदेश नहीं मिला है।
काफी देर तक चले इस प्रदर्शन के बाद स्थानीय पुलिस अधिकारी मौके पर पहुँचे और मजदूरों को शांत करने का प्रयास किया। देर शाम तक वार्ता का प्रयास जारी रहा, परंतु श्रमिक अपने लंबित मुद्दों के समाधान पर अड़े रहे।
मजदूरों का आरोप:
प्रदर्शन के दौरान कुछ मजदूरों ने कैमरे पर खुलासा किया कि कंपनी प्रशासन की ओर से उनके साथ लगातार अन्याय किया जा रहा है। उनका कहना है कि —
• “मेस में खाना नहीं खाने पर भी अतिरिक्त शुल्क वसूला जाता है।”
• “ड्राइवरों के मोबाइल लाने पर रोक लगाई गई है, जबकि बाकी सभी कर्मचारी और अधिकारी मोबाइल लेकर आते हैं।”
• “यदि किसी ड्राइवर के पास मोबाइल पकड़ा जाता है, तो 1000 रुपये का जुर्माना वसूला जाता है।”
मजदूरों ने यह भी आरोप लगाया कि अधिकारी पारितोष यादव, अभिषेक मौर्य और आनंद कुमार द्वारा उनके साथ हमेशा बदसलूकी की जाती है तथा “तानाशाही और तालिबानी नियम” लागू किए जाते हैं।
सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, कंपनी में लगभग 82 कर्मचारियों से प्रतिमाह ₹3000 का मेस बिल लिया जाता है। इसके बावजूद, वेतन भुगतान समय पर नहीं किया जाता — कभी आधा वेतन इस महीने और बाकी अगले महीने दिया जाता है।
मजदूरों का कहना है कि यदि उनकी मांगों — बोनस, समय पर वेतन, सर्रा छुट्टी और सम्मानजनक व्यवहार — पर जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, तो वे अनिश्चितकालीन कार्य बहिष्कार करने को मजबूर होंगे। यदि विवाद जल्द नहीं सुलझा, तो खदान क्षेत्र में उत्पादन कार्य पर गंभीर असर पड़ सकता है।
मौके पर पहुंचे क्षेत्र के श्रमिक संघ नेता छठू सिंह ने मजदूरों की बातों का समर्थन करते हुए कहा कि यदि समय रहते ठोस निर्णय नहीं लिया जाता है तो जनता मजदूर संघ के बैनर तले आंदोलन किया जाएगा और मजदूरों को उनका हक दिलवाने का प्रयास किया जाएगा।



